यमुनानगर , अगस्त 27 -- रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का त्योहार नहीं, बल्कि विश्वास, स्नेह और सुरक्षा के अटूट बंधन का प्रतीक है। इसी भावना को सार्थक करते हुए यमुनानगर बस अड्डे पर आज एक सुखद और भावुक नजारा देखने को मिला, जब ओपन शेल्टर होम के बच्चों ने अपने हाथों से बनाई राखियां हरियाणा रोडवेज के चालकों और परिचालकों को बांधी।

हरियाणा रोडवेज ने पूरे प्रदेश में रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं के लिए आज से कल रात तक मुफ्त बस सेवा की घोषणा की है। ऐसे में आज भारी संख्या में महिलाएं अपने भाइयों से मिलने के लिए बसों में सफर कर रही हैं और रोडवेज के चालक-परिचालक उन्हें सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाने की ड्यूटी निभा रहे हैं।

इसी कड़ी में यमुनानगर ओपन शेल्टर होम की बच्चियां बस अड्डे पर पहुंची और ड्यूटी पर तैनात चालकों-परिचालकों की कलाई पर अपने हाथों से बनाई राखियां बांधी। वहीं रोडवेज कर्मचारियों ने भी इन बच्चियों को आशीर्वाद और स्नेह दिया।

इस अवसर पर बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष अशोक कुमार ने कहा कि यह एक डोरी है जो कलाई को दिल से जोड़ती है। उन्होंने बताया कि समिति के संस्थानों में रहने वाले बच्चों ने पूरे उत्साह और मेहनत से राखियां तैयार की हैं और इन राखियों को हरियाणा रोडवेज के महाप्रबंधक को भेंट किया गया है।

बाल कल्याण समिति की सदस्य पूनम अग्रवाल और सुशील गुलाटी ने कहा कि रक्षाबंधन पर रोडवेज कर्मचारी बहनों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाने की बड़ी जिम्मेदारी निभाते हैं। बच्चों द्वारा बनाई गई यह राखी उनकी कलाई पर रक्षा सूत्र के रूप में सजेगी और यह पहल बच्चों तथा रोडवेज कर्मचारियों के बीच स्नेह का अनूठा रिश्ता कायम करेगी।

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