पटना , मई 26 -- बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को अधिकारियों को निर्देश दिए कि एक जुलाई से डिग्री कॉलेज रहित 211 प्रखंडों में डिग्री की पढ़ाई शुरू कराई जाए। मुख्यमंत्री श्री चौधरी की अध्यक्षता में मंगलवार को लोक सेवक आवास, 1 अणे मार्ग स्थित 'संकल्प' में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि एक जुलाई से डिग्री कॉलेज रहित 211 प्रखंडों में डिग्री की पढ़ाई शुरू कराई जाए तथा नए महाविद्यालयों में बहाली के लिए शीघ्र कमिटी गठित कर रिक्तियों को एक साथ जोड़ा जाए।उन्होंने वित्तरहित महाविद्यालयों के भवन, इंफ्रास्ट्रक्चर, अध्ययनरत विद्यार्थियों की संख्या और दी जाने वाली अनुदान राशि का आकलन करने के भी निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने घोषणा की कि डिग्री कॉलेज विहीन प्रखंडों में महाविद्यालय स्थापना के लिए भूमि दान देने वाले व्यक्ति या उनके द्वारा अनुशंसित व्यक्ति के नाम पर महाविद्यालय का नामकरण किया जाएगा। इसके अलावा भवन निर्माण या आंशिक सहयोग देने वाले व्यक्ति अथवा उनके द्वारा अनुशंसित व्यक्ति के नाम पर भी महाविद्यालय परिसर के किसी हिस्से का नाम रखा जाएगा।

श्री चौधरी ने विक्रमशिला विश्वविद्यालय के पुनर्स्थापन के लिए भारत सरकार को शीघ्र जमीन हैंडओवर करने तथा इस संबंध में केंद्र सरकार को पत्र भेजकर सूचित करने के निर्देश दिए। उन्होंने राज्य के विश्वविद्यालयों से जुड़े सभी रिसर्च सेंटरों को पुनर्व्यवस्थित कर अधिक सिस्टमैटिक और स्पेशलाइज्ड बनाने पर भी जोर दिया।

मुख्यमंत्री श्री चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में संचालित ओपन यूनिवर्सिटियों का अध्ययन किया जाए,जिससे बिहार में भी अधिक संख्या में ओपन यूनिवर्सिटी स्थापित कर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने कहा कि इससे विश्वविद्यालयों पर बढ़ते दबाव को भी कम किया जा सकेगा।

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