रायपुर , सितंबर 06 -- छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के ग्राम रतबा के युवा किसान अंकित लकड़ा ने मछली पालन, मुर्गी पालन, बागवानी और बहुफसली खेती को एक साथ जोड़कर एकीकृत कृषि मॉडल विकसित किया है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मिली करीब आठ लाख रुपये की अनुदान सहायता से उन्होंने पारंपरिक खेती के साथ आय के कई स्रोत तैयार किए हैं।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार अंकित पहले मुख्य रूप से बारिश पर निर्भर धान की खेती करते थे। कृषि और मत्स्य विभाग से जानकारी लेने के बाद उन्होंने खेत में दो तालाब तैयार कर मछली पालन शुरू किया। तालाब के पानी का उपयोग सिंचाई में होने से अब वे गर्मी के मौसम में भी खेती कर रहे हैं।
अंकित ने दोनों तालाबों के ऊपर मुर्गी पालन के लिए शेड तैयार किया है, जिसमें करीब 1,000 से 1,200 मुर्गियों के पालन की क्षमता है। मुर्गियों से निकलने वाले अपशिष्ट का उपयोग तालाब में मछलियों के प्राकृतिक आहार के रूप में किया जा रहा है, जिससे मछली पालन में बाहरी आहार पर होने वाला खर्च कम करने में मदद मिल रही है।
तालाब की मेड़ों पर आम और लीची सहित अन्य फलदार पौधे भी लगाए गए हैं। इससे उपलब्ध भूमि का बेहतर उपयोग होने के साथ भविष्य में बागवानी से अतिरिक्त आय मिलने की संभावना है।
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