मुंबई , जून 18 -- शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के राज्यसभा सदस्य एवं मुख्य प्रवक्ता संजय राउत ने गुरुवार को दावा किया कि उनकी पार्टी के छह सांसदों को दल छोड़कर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने के लिए अतिरिक्त 10 करोड़ रुपये की पेशकश की गयी है।

श्री राउत ने दिल्ली में संवाददाताओं से बातचीत में यह आरोप उस समय लगाया जब पार्टी की संसदीय दल की बैठक में छह सांसद उपस्थित नहीं हुए। उन्होंने दावा किया कि इन सांसदों को राजस्थान ले जाया गया है तथा उन्हें अयोग्य ठहराने और लोकसभा सदस्यता समाप्त कराने के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है।

अनुपस्थित सांसदों में शामिल ओमराजे निंबालकर ने पुणे में कहा कि उन्होंने अभी कोई राजनीतिक फैसला नहीं लिया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल उनके लिए पवनराजे निंबालकर हत्याकांड का फैसला अधिक महत्वपूर्ण है, जो 20 जून को आने वाला है। उन्होंने कहा कि फैसले के बाद ही वह अपनी स्थिति स्पष्ट करेंगे।

इस बीच शिवसेना (यूटीबी) की नेता सुषमा अंधारे ने दावा किया कि छह सांसदों ने पार्टी की बैठक के लिए व्हिप जारी होने से एक दिन पहले ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को अलग समूह की मान्यता के लिए पत्र सौंप दिया था। उन्होंने कहा कि इसी कारण बैठक में शामिल होने के लिए जारी व्हिप कानूनी रूप से कमजोर पड़ सकता है।

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