मुंबई , जून 29 -- महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सोमवार को पुणे की स्थानीय अदालत के उस फैसले का स्वागत किया, जिसमें नसरापुर में साढ़े तीन साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में 65 साल के भीमराव कांबले को मौत की सजा सुनाई है।

पुणे ज़िला और सत्र न्यायालय के फैसले के बाद जारी एक वीडियो संदेश में श्री शिंदे ने कहा कि यह फेसला राज्य की कानून के शासन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है और पीड़ित परिवार के लिए "न्याय की एक बड़ी जीत" है।

उन्होंने कहा कि एक मई की घटना के कुछ ही समय बाद उन्होंने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया था कि सरकार कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। श्री शिंदे ने कहा, "हमने संकल्प लिया था कि जब तक दोषी को कानून के तहत अधिकतम सज़ा नहीं मिल जाती, तब तक हम चैन से नहीं बैठेंगे। आज, अदालत के फैसले के साथ राज्य सरकार ने अपना वह वादा पूरा कर दिया है।"उप मुख्यमंत्री ने पुणे ग्रामीण पुलिस और अभियोजन पक्ष के तेज और असरदार काम की तारीफ की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस मामले की जांच - जिसमें 15 दिनों के अंदर 1,200 पन्नों की आरोपपत्र दाखिल की गई - और सिर्फ़ 55 दिनों में फ़ास्ट-ट्रैक ट्रायल का पूरा होना, न्याय व्यवस्था के लिए एक मिसाल है।

उन्होंने कहा, "इस मामले ने एक मिसाल कायम की है कि न्याय कितनी तेज़ी से दिया जा सकता है। इससे न्यायपालिका में जनता का भरोसा बढ़ता है और यह बात पक्की होती है कि हमारे समाज में ऐसी अमानवीयता के लिए कोई जगह नहीं है।" उन्होंने ऐसे अपराधों पर सरकार के "ज़ीरो टॉलरेंस" को दोहराते हुए कहा कि अदालत द्वारा "दुर्लभतम से दुर्लभ" करार दिए गए इस मामले में मौत की सजा संभावित अपराधियों के लिए एक चेतावनी का काम करेगी।

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