मुंबई/नयी दिल्ली , मार्च 18 -- महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के मंगलवार को अचानक राष्ट्रीय राजधानी का दौरा करने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद राज्य के राजनीतिक हलकों में तीव्र चर्चा छिड़ गयी है।

आधिकारिक तौर पर हालांकि कहा गया है कि यह बैठक राज्य से संबंधित प्रमुख मुद्दों पर केंद्रित थी, लेकिन पर्दे के पीछे के संभावित राजनीतिक घटनाक्रमों को लेकर अटकलें बनी हुई हैं।

इस बीच, श्री शिंदे की दिल्ली यात्रा के बाद एक और बड़ी चर्चा सामने आई है। कल देर रात हुई बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री ने कथित तौर पर शिवसेना के कुछ सांसदों के प्रदर्शन पर भारी असंतोष व्यक्त किया। आने वाले दिनों में केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल की उम्मीद के साथ पार्टी के कई सांसद मंत्री पदों के लिए सक्रिय प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने जोर दिया कि प्रदर्शन की बारीकी से निगरानी और मूल्यांकन किया जाएगा, भले ही वे दिल्ली में हों। उन्होंने सांसदों से संसद में पार्टी और सरकार का सक्रिय रूप से प्रतिनिधित्व करने, निरंतर उपस्थिति बनाए रखने और प्रमुख मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने का आग्रह किया।

श्री शिंदे ने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी केवल उन्हीं लोगों को पुरस्कृत करेगी, जो मजबूत प्रदर्शन दिखाएंगे, और इससे उन्होंने किसी भी पदोन्नति की अपेक्षा करने से पहले "काम को प्राथमिकता" देने के दृष्टिकोण को सुदृढ़ किया।

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