मुंबई , मई 27 -- भिनेत्री सुधा चंद्रन ने टेलीविजन की क्वीन एकता कपूर की जमकर तारीफ करते हुए उन्हें एक दूरदर्शी प्रोड्यूसर बताया, जिनकी सोच और कास्टिंग की समझ बेमिसाल है। अपने आइकॉनिक शो कहीं किसी रोज में कास्ट किए जाने के अनुभव को याद करते हुए सुधा ने खुलासा किया कि एकता के आत्मविश्वास ने उनके किरदार को भारतीय टेलीविजन के सबसे यादगार किरदारों में बदल दिया।

कहीं किसी रोज में अपने किरदार के बारे में बात करते हुए सुधा ने बताया कि शूटिंग शुरू होने के समय उन्हें अपने किरदार रामोला सिकंद के ड्रामेटिक अंदाज़ को लेकर थोड़ी झिझक थी। लेकिन एकता कपूर के भरोसे ने उन्हें तुरंत आत्मविश्वास दिया। उस पल को याद करते हुए सुधा ने कहा, "जब शूट शुरू होने के 4-5 दिन बाद मेरी मुलाकात एकता से हुई, तो मैंने उनसे पूछा, 'क्या आपको नहीं लगता ये थोड़ा ज्यादा लाउड है?' तब उन्होंने मुझसे सिर्फ एक बात कही, 'सुधा मैम, बस छह महीने इंतजार कीजिए, आप पूरे शहर में चर्चा का विषय होंगी।' वह कितनी फ्यूचरिस्टिक सोच रखती थीं।"सुधा ने एकता की कास्टिंग की समझ की भी तारीफ की और कहा कि उन्हें हमेशा पता होता है कि किस किरदार के लिए कौन-सा अभिनेता सबसे सही रहेगा। उन्होंने कहा, "इतने लोगों में अगर एकता ने मुझे इस रोल के लिए चुना, तो इसका मतलब है कि वह सही किरदार के लिए सही कलाकार चुनती हैं। उन्हें अपना काम बखूबी आता है। जब किसी को यह समझ हो कि कौन-सा अभिनेता किसी किरदार के साथ न्याय करेगा, तभी उसे सही मायनों में प्रोड्यूसर कहा जाता है। उनकी कास्टिंग आज तक कभी गलत साबित नहीं हुई।"सालों से एकता कपूर भारतीय टेलीविजन में क्रांति लाने का श्रेय हासिल करती रही हैं। उनके कई आइकॉनिक शोज़ घर-घर में सांस्कृतिक पहचान बन चुके हैं। फैमिली ड्रामा को नए अंदाज़ में पेश करने से लेकर ट्रेंडसेटिंग सुपरनैचुरल थ्रिलर्स बनाने तक, उनके क्रिएटिव रिस्क अक्सर सफल साबित हुए हैं, भले ही शुरुआत में आलोचक और दर्शक संदेह जताते रहे हों।

सुधा चंद्रन ने एकता के अटूट आत्मविश्वास की भी सराहना की। उन्होंने मशहूर शो क्योंकि सास भी कभी बहू थी की वापसी का जिक्र करते हुए कहा कि कई लोगों को शक था कि 25 साल बाद यह शो दोबारा दर्शकों से जुड़ पाएगा या नहीं। सुधा ने कहा, "कुछ लोगों ने कहा था कि 25 साल बाद यह काम नहीं करेगा। लेकिन हुआ क्या? यह नंबर 1 शो बन गया। यही है उनका कॉन्फिडेंस।"उन्होंने यह भी बताया कि एकता कपूर ने एक बार फिर अपने आलोचकों को गलत साबित किया जब उन्होंने नागिन जैसा कॉन्सेप्ट टेलीविजन पर लाया। कई लोगों का मानना था कि ऐसा विषय सिर्फ फिल्मों में ही चल सकता है, लेकिन यह सुपरनैचुरल ड्रामा भारतीय टेलीविजन की सबसे बड़ी और सफल फ्रेंचाइज़ी में से एक बन गया।

अपने साहसी क्रिएटिव फैसलों, बेहतरीन कास्टिंग और दर्शकों की पसंद को गहराई से समझने की क्षमता के जरिए एकता कपूर आज भी एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की सबसे प्रभावशाली हस्तियों में गिनी जाती हैं। वहीं, सुधा चन्द्रन जैसे कलाकार उनके विज़न और आत्मविश्वास को भारतीय टेलीविजन के इतिहास में गेम-चेंजर मानते हैं।

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