चंडीगढ़ , सितंबर 27 -- चंडीगढ़ पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (पीएचडीसीसीआई) की ओर से आयोजित 'आर्किटेक्चर एक्सीलेंस रिकग्निशन 2026' के पांचवें संस्करण में वास्तुकला क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पेशेवरों को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत-2047' के विजन को साकार करने में वास्तुकारों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

उन्होंने कहा कि नवाचार , सतत और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने में वास्तुकार अहम योगदान दे सकते हैं। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) इमारतों के डिजाइन में मदद कर सकता है, लेकिन घर केवल ईंट-पत्थरों से नहीं बनता, बल्कि उसमें भावनाएं और व्यक्तिगत आकांक्षाएं भी जुड़ी होती हैं। उन्होंने वास्तुकारों से भविष्य की शहरी चुनौतियों के समाधान के लिए नए सुझाव और इनोवेटिव आइडिया सामने लाने का आह्वान किया।

पीएचडीसीसीआई चंडीगढ़ चैप्टर के चेयर रजनीश बंसल ने कहा कि एईआर का पांचवां संस्करण वास्तुकारों के उत्कृष्ट कार्य को पहचानने और प्रोत्साहित करने की चैंबर की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उप महासचिव नवीन सेठ ने कहा कि चैंबर नए विचारों को बढ़ावा देने के लिए ऐसे मंच उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

कार्यक्रम में डॉ. प्रभजोत कौर को 'लाइफटाइम अचीवमेंट-एजुकेटर' और जयेश हरियानी को 'लाइफटाइम अचीवमेंट-प्रैक्टिसिंग आर्किटेक्ट' सम्मान दिया गया। एन.के. नेगी को 'लाइफटाइम अचीवमेंट-हिल आर्किटेक्चर', सपना कुमार को 'लाइफटाइम अचीवमेंट-वुमन आर्किटेक्ट, गवर्नमेंट सर्विस' और विजय उप्पल को 'लाइफटाइम अचीवमेंट-पब्लिक सर्विस' पुरस्कार मिला। प्रेरणा अग्रवाल को 'इंटीरियर डिजाइनर ऑफ द ईयर 2026', मेरिल सावित्री मुद्दामल्ले को 'हार्बिंगर ऑफ चेंज ऑफ द ईयर 2026' तथा इशरत नौशेहरी और सौरभ चंद्रा को 'आर्किटेक्ट ऑफ द ईयर 2026' सम्मान प्रदान किया गया।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित