दंतेवाड़ा , अप्रैल 01 -- छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में आयोजित ए.आई. हैकाथॉन 2026 में स्कूली विद्यार्थियों ने नवाचार और तकनीकी कौशल का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। 22 स्कूलों के 229 विद्यार्थियों ने विभिन्न सामाजिक और विकासात्मक विषयों पर ए.आई. आधारित समाधान प्रस्तुत किए। आयोजन ने जिले में डिजिटल शिक्षा और तकनीकी जागरूकता को नई दिशा देने का कार्य किया।

जिला पीआरओ ने बुधवार को बताया कि दूरस्थ आदिवासी अंचल दंतेवाड़ा में शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रेरक पहल के तहत जिला स्तरीय "ए.आई. के साथ भविष्य की खोज - कृत्रिम बुद्धिमत्ता हैकाथॉन 2026" का आयोजन किया गया। जिला प्रशासन दंतेवाड़ा एवं समग्र शिक्षा, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा नव गुरुकुल सोशल वेलफेयर फाउंडेशन के तकनीकी सहयोग से यह एक दिवसीय कार्यक्रम गीदम विकासखंड के एजुकेशन सिटी जावंगा स्थित नव गुरुकुल प्रशिक्षण केंद्र में संपन्न हुआ।

हैकाथॉन में पोटा केबिन विद्यालयों एवं कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों के 22 स्कूलों के कुल 229 विद्यार्थियों ने 59 टीमों के रूप में भाग लिया। प्रतिभागियों ने पर्यावरण एवं सतत विकास, स्वास्थ्य एवं सुपोषण, विद्यालय एवं सामाजिक समस्याएं, दैनिक जीवन समाधान, स्मार्ट कृषि तथा मानसिक स्वास्थ्य जैसे विषयों पर ए.आई. आधारित मॉडल प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों ने पावर प्वाइंट प्रस्तुति, पोस्टर और ए.आई. चैटबॉट के माध्यम से अपनी रचनात्मकता और तकनीकी समझ को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशन तथा जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयंत नाहटा के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ। इस अवसर पर विधायक चैतराम अटामी और जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुडामी ने प्रतिभागियों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया और कहा कि दंतेवाड़ा अब ए.आई. के क्षेत्र में भी अपनी नई पहचान बनाएगा।

जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा ने विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराते हुए उन्हें तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के सफल संचालन में हरीश प्रताप गौतम, राजेंद्र प्रसाद पांडे, जितेंद्र सिंह चौहान, बीरेंद्र कुमार शर्मा, प्रणीत सिंहा सहित अन्य का योगदान रहा। प्रतियोगिता के निर्णायक राकेश मिश्रा, राघवेंद्र धर दीवान और अमुजुरी विश्वनाथ रहे।

अंत में विजेता विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। यह आयोजन जिले में डिजिटल शिक्षा और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

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