रायपुर , सितंबर 05 -- छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते प्रभाव के बीच शिक्षकों से विद्यार्थियों के मार्गदर्शक की भूमिका निभाने और उन्हें तकनीक का विवेकपूर्ण, जिम्मेदार तथा मानवीय मूल्यों के अनुरूप उपयोग सिखाने का आह्वान किया है।
राज्यपाल डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शनिवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर लोकभवन के छत्तीसगढ़ मंडपम् में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया। समारोह में वर्ष 2025-26 के लिए प्रदेश के 63 उत्कृष्ट शिक्षकों को राज्यपाल पुरस्कार और चार शिक्षकों को राज्य शिक्षक सम्मान स्मृति पुरस्कार प्रदान किए गए।
राज्यपाल ने कहा कि तेजी से बदलती दुनिया में शिक्षा और शिक्षक की भूमिका भी व्यापक हो रही है। एआई के दौर में शिक्षक और विद्यार्थियों का नई तकनीकों से परिचित होना आवश्यक है, लेकिन उससे अधिक जरूरी उसका जिम्मेदार उपयोग है। उन्होंने कहा, "एआई हमारा सहायक बने, हमारा नियंत्रक नहीं।" तकनीक जानकारी उपलब्ध करा सकती है, लेकिन संस्कार, संवेदना, अनुशासन, प्रेरणा और जीवन की सही दिशा शिक्षक से ही मिलती है।
उन्होंने कहा कि तकनीक पर अत्यधिक निर्भरता स्वतंत्र चिंतन और बौद्धिक विकास को प्रभावित कर सकती है। शिक्षकों को विद्यार्थियों की रुचि और प्रतिभा पहचानकर उन्हें सही विषय और करियर चुनने में मार्गदर्शन देना चाहिए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षकों को बदलती शिक्षा व्यवस्था के अनुरूप अपने ज्ञान और कौशल को लगातार अद्यतन करना होगा।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि शिक्षक नई पीढ़ी और राष्ट्र के निर्माता हैं तथा वर्ष 2047 तक विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में शिक्षा और शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री या नौकरी हासिल करना नहीं, बल्कि ज्ञानवान, संस्कारवान, सक्षम और जिम्मेदार नागरिक तैयार करना है।
साय ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और प्रत्येक बच्चे तक बेहतर शैक्षणिक अवसर पहुंचाने के लिए काम कर रही है। युक्तियुक्तकरण के बाद प्रदेश में अब एक भी स्कूल शिक्षकविहीन नहीं है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप शिक्षा को संस्कार, कौशल और रोजगार से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि बस्तर में स्थानीय बोली के माध्यम से प्रारंभिक शिक्षा देने की पहल की गई है। प्रदेश के 341 विद्यालयों का पीएम श्री योजना के तहत चयन किया गया है, जबकि स्वामी विवेकानंद के नाम पर 150 विद्यालय प्रारंभ किए जा रहे हैं। दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ओरछा और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही हैं।
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि प्रदेश में एआई आधारित स्मार्ट स्कूल विकसित किए जा रहे हैं और शिक्षा में आधुनिक तकनीक तथा नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने वर्ष 2026-27 के राज्य शिक्षक सम्मान के लिए चयनित 64 शिक्षक-शिक्षिकाओं के नामों की भी घोषणा की।
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