पटना , जून 24 -- िहार सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से बुधवार को पटना में 'बिहार एआई नीति-2026 (मसौदा)' पर हितधारकों की परामर्श बैठक आयोजित की गई, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई)आधारित विकास, निवेश और रोजगार सृजन को लेकर व्यापक चर्चा हुई।बैठक में मंत्री नीतीश मिश्रा, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत तथा सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह सहित विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों, उद्योग जगत तथा शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

इस अवसर पर मंत्री श्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि अब बिहार के उदय का समय है।

उन्होंने कहा कि राज्य तीव्र गति से विकास के नए युग में प्रवेश कर रहा है और उद्योग जगत को इस परिवर्तन का सक्रिय भागीदार बनना चाहिए। उन्होंने कहा किएआई बिहार को नई पहचान, नए अवसर और वैश्विक प्रतिस्पर्धा का सशक्त मंच प्रदान करेगी, जिससे बिहार देश का अग्रणी नवाचार केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा।

श्री मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार में निवेश और उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस (आसानी से व्यापार करने का वातावरण)को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है, जिससे निवेशकों को सभी स्वीकृतियां, अनुमतियां और आवश्यक सेवाएं समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि सरकार की प्रतिबद्धता है कि हर प्रक्रिया, हर सेवा और हर निर्णय निर्धारित समय सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए।

श्री मिश्रा ने कहा कि बिहार को लेकर बनी पुरानी धारणाओं और सोच को बदलने की आवश्यकता है। आज का बिहार संभावनाओं, नवाचार और उद्यमिता का बिहार है। उन्होंने कहा कि बिहार अब 'माइग्रेशन से इनोवेशन' और 'ब्रेन ड्रेन से ब्रेन गेन' के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहा है।बिहार की प्रतिभाएं अब केवल रोजगार खोजने वाली नहीं, बल्कि रोजगार और अवसर सृजित करने वाली शक्ति बनेंगी।

मंत्री ने सुझाव दिया कि राज्य की एआई नीति को और व्यापक बनाते हुए उसमें निर्यात प्रोत्साहन तथा हरित ऊर्जा को विशेष स्थान दिया जाए। इससे बिहार तकनीक आधारित विकास, सतत औद्योगीकरण और वैश्विक निवेश के नए केंद्र के रूप में उभर सकेगा।उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उद्योग, नवाचार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सुशासन के समन्वय से बिहार आने वाले वर्षों में देश की विकास यात्रा का नेतृत्व करने वाला राज्य बनेगा।

बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा कि ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है और विभिन्न क्षेत्रों में नियमों को सरल बनाने की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने उपस्थित प्रतिनिधियों से बिहार के विकास, अवसरों और सकारात्मक बदलावों के संदेशवाहक बनने का आग्रह करते हुए कहा कि राज्य की नई पहचान और संभावनाओं को देश-दुनिया तक पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से सभी हितधारकों को पूर्ण सहयोग भी दिया जाएगा।

सूचना प्रावैधिकी विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि इन नीतियों के माध्यम से बिहार में अधिक निवेश आकर्षित होगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि इन पहलों का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब उद्योग और निवेशक बिहार के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाएंगे।

बैठक में इंडिया एआई मिशन, गूगल इंडिया, माइक्रोसॉफ्ट इंडिया, नैसकॉम, आईआईटी पटना, सी-डैक, नाइलिट तथा अन्य संस्थानों के विशेषज्ञों ने अपने सुझाव दिए।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित