अंबिकापुर , सितंबर 06 -- छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में गणेश उत्सव की तैयारियां तेज हो गई हैं और इस बार पारंपरिक मूर्तिकला के साथ कृत्रिम मेधा (एआई) तकनीक का प्रयोग भी देखने को मिल रहा है। खासकर युवा और जेन जी, एआई की मदद से अपनी पसंद की गणेश प्रतिमा का डिजाइन तैयार कर मूर्तिकारों से उसी स्वरूप में प्रतिमा बनवा रहे हैं।

शहर में इस वर्ष करीब पांच हजार से अधिक मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं, जिनकी ऊंचाई करीब एक फुट से लेकर 14 फुट तक है। मूर्ति कारखानों में प्रतिमाओं को आकार देने से लेकर रंग-रोगन और सजावट का काम तेजी से चल रहा है।

मूर्तिकारों के मुताबिक युवाओं के बीच इस बार क्यूट लुक वाले गणेश बाबा की प्रतिमाओं की मांग अधिक है। बड़ी आंखें, आकर्षक चेहरे और आधुनिक स्वरूप वाली प्रतिमाओं के लिए भक्त एआई से तैयार डिजाइन भी लेकर पहुंच रहे हैं।

कोलकाता से आई युवा जेन जी मूर्तिकार सायन्तिका पॉल भी अपने पिता के साथ अंबिकापुर में गणेश प्रतिमाएं तैयार कर रही हैं। वह पारंपरिक कला के साथ नए डिजाइन और युवाओं की पसंद को ध्यान में रखते हुए प्रतिमाओं को नया स्वरूप दे रही हैं।

गणेश उत्सव नजदीक आने के साथ मूर्तिकारों को प्रतिमाओं की मांग और बढ़ने की उम्मीद है।

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