तिरुवनंतपुरम , जुलाई 10 -- केरल के सामान्य शिक्षा मंत्री एन. शमसुद्दीन ने कहा है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और कंप्यूटर आधारित शिक्षा के इस तेजी से बदलते दौर में छात्रों को वैश्विक स्तर पर प्रतियोगिता करने के लिए जरूरी ज्ञान और कौशल विकसित करना होगा।
श्री शमसुद्दीन ने कहा कि सरकार का लक्ष्य इस आधुनिक युग में बच्चों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा देना है, ताकि वे दुनिया भर की चुनौतियों और अवसरों का आत्मविश्वास के साथ सामना कर सकें।
मंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि केवल पढ़ाई में अव्वल आना ही काफी नहीं है। छात्रों को अच्छे अंक लाने के साथ-साथ अपने साथी इंसानों के प्रति सहानुभूति, दया और प्रेम की भावना भी रखनी चाहिए। शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो छात्रों को वैश्विक स्तर पर सक्षम बनाने के साथ-साथ मजबूत मानवीय मूल्य भी सिखाए। उन्होंने कहा कि राज्य की शिक्षा प्रणाली को छात्रों को एआई से संचालित दुनिया में आगे बढ़ने के लिए तैयार करना चाहिए, साथ ही उन्हें समाज के प्रति जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक भी बनाना चाहिए।
इससे पहले राष्ट्रीय सॉफ्टवेयर और सेवा कंपनी संघ (नासकॉम) के अध्यक्ष राजेश नांबियार ने शिक्षा मंत्री से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि एआई दुनिया भर में तकनीकी प्रतिस्पर्धा और भू-राजनीतिक प्रभाव का एक महत्वपूर्ण जरिया बनकर उभरी है, जो नये अवसरों के साथ-साथ बड़ी चुनौतियां भी लेकर आयी है।
इसी बीच, आईबीएस समूह के संस्थापक और कार्यकारी अध्यक्ष वी.के. मैथ्यूज ने पर्यटन उद्योग के लिए पूर्ण रूप से एआई पर आधारित नयी कंपनी शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जो लोग एआई का कौशल सीख रहे हैं, उनके लिए रोजगार के नये अवसर पैदा होंगे। वहीं, जो लोग समय के साथ अपने कौशल को नहीं सुधारेंगे, उन्हें नौकरी खोने का जोखिम उठाना पड़ सकता है, क्योंकि व्यावसायिक प्रतिष्ठान अब तेजी से इस नयी तकनीक को अपना रहे हैं।
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