चंडीगढ़ , सितंबर 12 -- पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने विश्वविद्यालयों से उच्च शिक्षा, शोध और नवाचार में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के अधिक से अधिक उपयोग का आह्वान किया है।

उन्होंने पंजाब लोक भवन में 'कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उच्च शिक्षा' विषय पर आयोजित कुलपतियों के सम्मेलन में उन्होंने कहा कि एआई का इस्तेमाल मानव-केंद्रित, नैतिक, समावेशी और समाज के प्रति जिम्मेदार तरीके से किया जाना चाहिए।

श्री कटारिया ने कहा कि एआई ने सीखने, काम करने, शोध और निर्णय लेने के तरीकों में बड़ा बदलाव किया है। आने वाले वर्षों में यह भारत की अर्थव्यवस्था और समाज को प्रभावित करने वाली महत्वपूर्ण शक्ति होगी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों को एआई को केवल इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस तक सीमित नहीं रखना चाहिए। चिकित्सा, कृषि, कानून, वित्त, भाषाओं और सामाजिक विज्ञान जैसे क्षेत्रों में भी एआई की शिक्षा को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

उन्होंने विश्वविद्यालयों से कृषि, स्वास्थ्य, जल संरक्षण, शासन और पर्यावरण संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए एआई आधारित तकनीक विकसित करने का आह्वान किया। सम्मेलन में विशेषज्ञों ने एआई की उभरती तकनीकों और उच्च शिक्षा में उनके उपयोग पर प्रस्तुतियां दीं।

आईआईटी रोपड़ के निदेशक प्रो. राजीव आहूजा और उनकी टीम ने भी प्रस्तुति दी।

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