श्रीनगर , अगस्त 03 -- जेल में बंद सांसद इंजीनियर रशीद के नेतृत्व वाली अवामी इत्तेहाद पार्टी (एआईपी) ने सोमवार को घोषणा की कि वह पांच अगस्त को 'यौम-ए-स्याह' (काला दिवस) के रूप में मनायेगी। यह केंद्र सरकार के पांच अगस्त 2019 के उन संवैधानिक बदलावों की सातवीं बरसी है, जिनके तहत जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा समाप्त कर दिया गया था और पूर्ववर्ती राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया गया था।
पार्टी ने कहा कि बारामूला के सांसद इंजीनियर रशीद शांतिपूर्ण एकजुटता व्यक्त करने के लिए काले कपड़े पहनकर संसद में शामिल होंगे और दिन भर की भूख हड़ताल करेंगे।
एआईपी के मुख्य प्रवक्ता इनाम उन नबी ने कहा कि पार्टी ने राष्ट्रीय राजधानी और श्रीनगर दोनों जगह कार्यक्रमों को अंतिम रूप दे दिया है, ताकि जम्मू-कश्मीर के लोगों के लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक अधिकारों से उन्हें 'गैर-संवैधानिक रूप से वंचित किये जाने' के मुद्दे की अहमियत समझायी जा सके।
उन्होंने कहा कि एआईपी अध्यक्ष और सांसद इंजीनियर रशीद, जो वर्तमान में तिहाड़ जेल से न्यायिक हिरासत के तहत संसदीय कार्यवाही में भाग ले रहे हैं और जिन्हें मीडिया से बात करने की अनुमति नहीं है, शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध के रूप में काले कपड़े पहनकर संसद में उपस्थित रहेंगे।
श्री नबी ने कहा, "संसद के भीतर काले कपड़े पहनकर इंजीनियर रशीद का इरादा पांच अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर के लोगों के खिलाफ हुए संवैधानिक अन्याय की ओर साथी सांसदों और पूरे देश का ध्यान आकर्षित करना है। यह दुख की सांकेतिक अभिव्यक्ति है और इस बात की याद दिलाता है कि लोगों की लोकतांत्रिक आकांक्षाओं और संवैधानिक अधिकारों की अनदेखी नहीं की जा सकती।"उन्होंने बताया कि इंजीनियर रशीद जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ शांतिपूर्ण एकजुटता व्यक्त करने और उनके संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक अधिकारों के लगातार हनन के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने के लिए पांच अगस्त को दिन भर की भूख हड़ताल भी करेंगे।
एआईपी के मुख्य प्रवक्ता ने कहा कि श्रीनगर में एक बड़ा सम्मेलन और संगोष्ठी आयोजित की जायेगी, जहां पार्टी पांच अगस्त 2019 को लिये गये निर्णयों के संवैधानिक, राजनीतिक और लोकतांत्रिक प्रभावों पर विचार-विमर्श करेगी।
उन्होंने कहा, "विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, नागरिक समाज के सदस्यों, बुद्धिजीवियों, लेखकों, व्यापारिक संगठनों, परिवहन संघों और अन्य हितधारकों को निमंत्रण भेजा गया है, ताकि जम्मू-कश्मीर के भविष्य और उसके लोकतांत्रिक अधिकारों की बहाली पर सामूहिक व सार्थक चर्चा हो सके।"श्री इनाम ने कहा कि नयी दिल्ली में भी अवामी इत्तेहाद पार्टी का एक समानांतर कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा, ताकि लोकतांत्रिक और संवैधानिक माध्यमों से जम्मू-कश्मीर के राज्य के दर्जे तथा संवैधानिक अधिकारों की बहाली की मांग को दोहराया जा सके।
शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक संघर्ष के प्रति पार्टी की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए श्री इनाम ने कहा कि पांच अगस्त जम्मू-कश्मीर के संवैधानिक इतिहास में एक मोड़ की याद दिलाता है और एआईपी संवैधानिक, लोकतांत्रिक व अहिंसक तरीकों से लोगों के अधिकारों की बहाली के लिए प्रयास जारी रखेगी।
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