भीलवाड़ा , अगस्त 20 -- राजस्थान में शहर के प्रमुख महात्मा गांधी अस्पताल की आपातकालीन व्यवस्था और कर्मचारियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। रामधाम चौराहे पर हादसे में घायल एक लावारिस मरीज को लेकर पहुंची 108 एंबुलेंस करीब 20 मिनट तक अस्पताल के बाहर खड़ी रही, लेकिन मरीज को लेने के लिए कोई कर्मचारी नहीं पहुंचा। प्राप्त जानकारी के अनुसार, 108 एंबुलेंस के पायलट प्रभु प्रजापत दोपहर करीब एक बजे घायल मरीज को लेकर महात्मा गांधी अस्पताल पहुंचे। मरीज को तत्काल वार्ड में भेजने की जरूरत थी, लेकिन मौके पर अस्पताल का कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। प्रजापत करीब 20 मिनट तक लगातार एंबुलेंस का सायरन बजाते रहे, ताकि अस्पताल के कर्मचारियों का ध्यान मरीज की ओर जाये। दोपहर करीब एक बजकर 20 मिनट पर एक वार्ड लेडी बाहर आयी और मरीज को एंबुलेंस से लेने की कार्रवाई शुरू हुई। इस दौरान मरीज करीब 20 मिनट तक एंबुलेंस में ही पड़ा रहा।

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