लुधियाना , सितंबर 02 -- पंजाब में लुधियाना व्यापार मंडल (एलबीएम) ने केंद्र सरकार की औद्योगिक एवं व्यापार नीति पर सवाल उठाते हुए विदेशी स्टील पर लगाये गये एंटी-डंपिंग और सेफगार्ड शुल्क तत्काल हटाने की मांग की है।
मंडल ने आरोप लगाया कि इन व्यापारिक बाधाओं का खामियाजा देश के करोड़ों उपभोक्ताओं और डाउनस्ट्रीम एमएसएमई इकाइयों को भुगतना पड़ रहा है।
मंडल के अध्यक्ष मनिंदर पाल सिंह ने बुधवार को कहा कि घरेलू प्राथमिक स्टील उत्पादकों को विदेशी प्रतिस्पर्धा से संरक्षण देने की नीति के कारण भारतीय बाजार में स्टील की कीमतें प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने दावा किया कि इससे निर्माण, ऑटो पार्ट्स, इंजीनियरिंग और बुनियादी ढांचा क्षेत्रों से जुड़े छोटे एवं मध्यम उद्योगों की लागत बढ़ रही है। उन्होंने भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआईं ) की ओर से प्राथमिक स्टील उत्पादकों के बीच कथित मूल्य समन्वय की जांच का हवाला देते हुए कहा कि सरकार को व्यापार नीति के जरिए घरेलू स्टील की कीमतों को कृत्रिम रूप से ऊंचा रखने के बजाय बाजार में प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करनी चाहिए।
मंडल ने विदेशी हॉट-रोल्ड फ्लैट उत्पादों और निर्माण स्टील पर लगाये गये एंटी-डंपिंग तथा सेफगार्ड शुल्क को तत्काल समाप्त करने की मांग की। उसके अनुसार, अंतरराष्ट्रीय दरों पर स्टील खरीदने वाले विदेशी प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले भारतीय निर्यातकों को महंगे घरेलू कच्चे माल के कारण नुकसान उठाना पड़ रहा है।
एलबीएम ने प्राथमिक स्टील मिलों से एमएसएमई और स्थानीय स्टॉकिस्टों को पारदर्शी एवं गैर-भेदभावपूर्ण तरीके से सीधे खरीद की सुविधा देने की भी मांग की। मंडल का कहना है कि इससे अनावश्यक बिचौलिया मार्जिन कम होंगे और उद्योगों को कच्चा माल प्रतिस्पर्धी कीमतों पर उपलब्ध हो सकेगा।
श्री सिंह ने कहा कि यह केवल लुधियाना या पंजाब का मुद्दा नहीं बल्कि देश के विनिर्माण क्षेत्र से जुड़ा राष्ट्रीय आर्थिक विषय है। उन्होंने विपक्षी दलों और सांसदों से संसद तथा सार्वजनिक मंचों पर इस मुद्दे को उठाने और औद्योगिक कच्चे माल पर एंटी-डंपिंग शुल्क हटाने की मांग का समर्थन करने की अपील की।
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