अगरतला , जनवरी 15 -- त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने आश्वासन दिया है कि वह दिल्ली में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी के साथ होने वाली बैठक में देहरादून में एंजल चकमा की हालिया हत्या के मामले को उठाएंगे और मामले की फास्ट-ट्रैक जांच की मांग करेंगे।

उस क्षेत्रीय समुदाय आधारित हमले(नस्ली हमला) में हुई इस हत्या से देशभर में आक्रोश फैल गया है। पूर्वोत्तर भारत के विभिन्न हिस्सों में विरोध-प्रदर्शन हुए हैं तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी सजा और सीबीआई जांच की मांग तेज हो गयी है।

त्रिपुरा के रहने वाले 24 वर्षीय चकमा देहरादून में एमबीए के अंतिम वर्ष के छात्र थे। उनके परिवार और कई नागरिक संगठनों का आरोप है कि उन पर क्षेत्रीयता के आधार पर हमला किया गया। हमले में गंभीर रूप से घायल अंजेल 18 दिनों तक जीवन और मृत्यु से संघर्ष करते रहे और अंततः 26 दिसंबर को उन्होंने दम तोड़ दिया।

मुख्यमंत्री डॉ. साहा ने अगरतला के बाहरी इलाके नंदन नगर स्थित एंजल चकमा के आवास पर जाकर शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर अपनी संवेदना व्यक्त की और त्रिपुरा सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से परिवार के प्रति अपनी संवेदना प्रकट की और न्याय सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहरायी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि वह अगले सप्ताह नयी दिल्ली में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात के दौरान इस मामले को उठाएंगे। डॉ. साहा के अनुसार, मुख्यमंत्री धामी ने उन्हें जानकारी दी है कि इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि फरार छठे आरोपी की गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित किया गया है।

इस घटना के बाद से डॉ. साहा उत्तराखंड सरकार के साथ लगातार संपर्क में हैं और मामले की प्रगति पर नजर रखे हुए हैं। उल्लेखनीय है कि यह दुखद घटना नौ दिसंबर को देहरादून में हुई थी, जब एंजल चकमा ने अपने छोटे भाई माइकल चकमा को कथित तौर पर हमलावरों के एक समूह से बचाने की कोशिश की। इसी दौरान एंजल पर भी गंभीर हमला किया गया, जिससे बाद में उसकी मृत्यु हो गयी।

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