ऋषिकेश, मार्च 19 -- उत्तराखंड के ऋषिकेश में चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर नवरात्रि के शुभ अवसर पर जानकी झूला स्थित पूर्णानंद घाट में विशेष महिला गंगा आरती का भव्य आयोजन किया गया। सबका साथ हो, गंगा साफ हो के संकल्प के साथ आयोजित आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया।

ऋषिकेश गंगा आरती ट्रस्ट के तत्वावधान में पिछले पांच वर्षों से निरंतर महिलाओं द्वारा आयोजित की जा रही गंगा आरती ने इस बार भी श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की शुरुआत षोडशोपचार विधि से मां गंगा के पूजन-अर्चन के साथ हुई, जिसके बाद अक्षत, नैवेद्य, पुष्प, फल और लाल चुनरी अर्पित कर भव्य महाआरती की गई। "जय-जय मां गंगा" के जयकारों से पूरा घाट गुंजायमान हो उठा।

शाम ढलते ही दीपों की रोशनी, मंत्रोच्चार और भजनों की मधुर ध्वनि ने वातावरण को पूर्णतः भक्तिमय बना दिया। घाट की सीढ़ियों पर बैठकर श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्वक आरती का आनंद लिया और एक अलौकिक आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त की।

ट्रस्ट के अध्यक्ष हरिओम शर्मा ज्ञानी ने बताया कि गंगा आरती का उद्देश्य सनातन आस्था को सशक्त बनाए रखना और श्रद्धालुओं को सुविधाजनक एवं सुरक्षित वातावरण में धार्मिक अनुभव प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट लगातार श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए कार्य कर रहा है।

महिला गंगा आरती में आचार्य सोनिया, राज पूनम, अंजना उनियाल, गायत्री, वंदना नेगी, प्रमिला और रजनी रावत सहित कई महिलाओं ने सहभागिता निभाई।

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