ऋषिकेश , मई 27 -- उत्तराखंड में ऋषिकेश के बापूग्राम भूमि विवाद के बीच बुधवार को क्षेत्र में एक नया घटनाक्रम सामने आया है । बापूग्राम-20 बीघा-मीरा नगर सीमा क्षेत्र में आईडीपीएल की भूमि पर वन विभाग की ओर से प्रस्तावित चौकी निर्माण का स्थानीय लोगों ने विरोध किया, जिसके बाद निर्माण कार्य अस्थायी रूप से रुक गया। मजदूर अपने औजारों के साथ सड़क किनारे बैठ गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार यहां लोधी भवन के सामने स्थित आईडीपीएल की खाली पड़ी भूमि पर वन विभाग द्वारा चौकी निर्माण की तैयारी की जा रही थी। आज सुबह ट्रैक्टर-ट्रॉली, सीमेंट और निर्माण सामग्री के साथ मजदूर मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण स्थल पर पहले से गहरा गड्ढा खोदा गया था, जिसे मंगलवार को जेसीबी से तैयार किया गया था।
निर्माण की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर एकत्र हो गए और इसका विरोध शुरू कर दिया। क्षेत्रवासियों का कहना है कि वर्तमान में जिस भूमि को लेकर न्यायालय में मामला लंबित है, वहां किसी भी प्रकार का नया निर्माण सवाल खड़े करता है।
उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) सैनिक प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष मोहन प्रसाद भट्ट ने कहा कि संबंधित भूमि प्रकरण उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में वन विभाग की ओर से चौकी निर्माण किस उद्देश्य से किया जा रहा है, यह स्पष्ट होना चाहिए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब क्षेत्र में अन्य निर्माण गतिविधियों पर रोक है, तो विभागीय निर्माण कार्य किस आधार पर किया जा रहा है। साथ ही आबादी के समीप चौकी निर्माण की आवश्यकता पर भी उन्होंने सवाल खड़े किए।
गौरतलब है कि 20 बीघा, मीरा नगर, शिवाजी नगर, गीता नगर, मनसा देवी सहित आसपास के क्षेत्रों में निर्माण कार्य और भूमि खरीद-फरोख्त पर प्रतिबंध लागू बताया जा रहा है। संबंधित भूमि को वन भूमि मानते हुए मामला न्यायालय में लंबित है। हालांकि स्थानीय निवासियों का दावा है कि वे पिछले 60-70 वर्षों से यहां रह रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि भूमि विवाद और निर्माण प्रतिबंध के कारण क्षेत्र में संपत्ति कारोबार प्रभावित हुआ है। नए खरीदार नहीं आ रहे और कई किरायेदार भी क्षेत्र छोड़ रहे हैं।
वहीं, इस पूरे मामले में वन विभाग के अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई। फिलहाल वन चौकी निर्माण की सूचना के बाद क्षेत्र में एक बार फिर भूमि विवाद चर्चा का विषय बन गया है।
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