ऋषिकेश , मई 03 -- उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के पूर्वानुमान और ऊपरी इलाकों से पानी छोड़े जाने की संभावना के बीच गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि को लेकर रविवार को प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ढालवाला क्षेत्र में तैनात राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), जल पुलिस और आपदा राहत दल ने संवेदनशील घाटों पर विशेष निगरानी शुरू कर दी है। त्रिवेणी घाट, राम झूला, जानकी पुल और निम बीच सहित प्रमुख स्थलों पर सुरक्षा बलों द्वारा लगातार गश्त की जा रही है।

टीम द्वारा घाटों पर मौजूद श्रद्धालुओं और पर्यटकों को लाउडहेलर के माध्यम से सतर्क किया जा रहा है और नदी के नजदीक अनावश्यक रूप से न जाने की अपील की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान मौसम और बांधों से पानी छोड़े जाने की स्थिति में गंगा का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।

एसडीआरएफ निरीक्षक कविंद्र सिंह सजवाण ने बताया कि सभी टीमें आवश्यक संसाधनों और उपकरणों के साथ अलर्ट मोड में हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी की गई है और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।

चारधाम यात्रा के दौरान बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं लेना चाहता। आमजन और श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे गंगा किनारे जाते समय पूरी सतर्कता बरतें, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है।

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