ऋषिकेश , जुलाई 28 -- उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में पिछले 24 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश के कारण ऋषिकेश में गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी रेखा (39.50 मीटर) से लगभग 50 सेंटीमीटर नीचे बह रहा है। नदी के इस विकराल रूप और तेज बहाव को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने तटीय इलाकों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है।
सुरक्षा के मद्देनजर प्रसिद्ध त्रिवेणी घाट, मुनि की रेती और लक्ष्मण झूला क्षेत्र के सभी प्रमुख घाटों को श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए पूरी तरह खाली करा दिया गया है। लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण त्रिवेणी घाट की निचली और मध्य सीढ़ियां जलमग्न हो चुकी हैं, जिसके कारण शाम की प्रसिद्ध गंगा आरती के स्थल को भी सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया है।
आपदा प्रबंधन विभाग, एसडीआरएफ (एसडीआरएफ) और जल पुलिस की टीमें पूरी मुस्तैदी के साथ मुनि की रेती से लेकर परमार्थ निकेतन तक नावों और लाइफ जैकेट के साथ तैनात हैं। पुलिस बल लगातार तटीय बस्तियों और घाटों के आसपास रह रहे लोगों को लाउडस्पीकर के माध्यम से सचेत कर रहा है और उन्हें ऊंचे तथा सुरक्षित स्थानों पर जाने की हिदायत दे रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि नदी का बहाव इस समय बेहद खतरनाक है, इसलिए किसी भी श्रद्धालु या पर्यटक को पानी के पास जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों में क्षेत्र में और अधिक भारी बारिश का अनुमान जताया है, जिसके कारण बांधों से छोड़े जाने वाले पानी और गंगा के जलस्तर पर नियंत्रण कक्ष से 24 घंटे कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
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