कोलकाता , जुलाई 11 -- पश्चिम बंगाल में 21 जुलाई को 'शहीद दिवस' के आयोजन से पहले तृणमूल कांग्रेस के दो गुटों के बीच अभूतपूर्व राजनीतिक टकराव के बीच श्री ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट ने मेयो रोड पर समानांतर रैली करने का एलान किया है, जबकि सुश्री ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस ने एस्प्लेनेड में अपनी पारंपरिक सभा आयोजित करने की अनुमति मांगते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया है।

ऋतब्रत गुट ने शनिवार को घोषणा की कि उसे 21 जुलाई को मेयो रोड स्थित गांधी प्रतिमा के पास रैली आयोजित करने की अनुमति मिल गयी है। श्री ऋतब्रत बनर्जी ने कहा, "हमें 21 जुलाई को मेयो रोड पर रैली आयोजित करने की अनुमति मिल गयी है। हम पुलिस के तय नियमों का पालन करेंगे।"यह फैसला बागी गुट के तपसिया में हुई बैठक के दौरान जवाबी कार्यक्रम की योजनाओं पर चर्चा करने के एक दिन बाद आया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एस्प्लेनेड में पारंपरिक 'शहीद दिवस' रैली स्थल के पास ही मेयो रोड को चुनना बागी समूह का सीधा संदेश है कि वह कालीघाट नेतृत्व को खुली चुनौती दे रहा है।

दूसरी ओर सुश्री बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस एस्प्लेनेड में विक्टोरिया हाउस के सामने अपने पारंपरिक स्थल पर ही वार्षिक 'शहीद दिवस' कार्यक्रम आयोजित करने पर अड़ी हुई है। कोलकाता पुलिस की ओर से अभी अनुमति न मिलने के कारण पार्टी ने कलकत्ता उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।

पार्टी के वरिष्ठ नेता डेरेक ओ'ब्रायन ने रैली की मंजूरी की मांग को लेकर न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की पीठ के समक्ष याचिका दायर की है। इस मामले पर 13 जुलाई को सुनवाई होने की संभावना है।

यह कानूनी लड़ाई कोलकाता पुलिस के भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत लागू की गयी निषेधाज्ञा के बीच शुरू हुई है। इन पाबंदियों के तहत दो जुलाई से 30 अगस्त तक मध्य कोलकाता के ज्यादातर हिस्सों में किसी भी प्रकार के सार्वजनिक जमावड़े पर रोक लगायी गयी है।इसके बावजूद तृणमूल के वरिष्ठ नेता कुणाल घोष, बैश्वानर चट्टोपाध्याय और डोला सेन ने हाल ही में विक्टोरिया हाउस के सामने के क्षेत्र का दौरा किया था, जहां वे इंच टेप से प्रस्तावित मंच की जगह मापते नजर आये थे।

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