लखीसराय , जुलाई 16 -- ऊर्जा सचिव एवं अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड अजय यादव ने गुरुवार को लखीसराय स्थित कजरा सौर ऊर्जा सह बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजना का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।श्री यादव ने इसके बाद लखीसराय अतिथि गृह में आयोजित समीक्षा बैठक में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, विद्युत आपूर्ति व्यवस्था, राजस्व संग्रहण, उपभोक्ता सेवाओं तथा विभिन्न विद्युत योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। इसके बाद उन्होंने 220/132/33 केवी ग्रिड उपकेंद्र मोकामा का निरीक्षण कर इसकी कार्यप्रणाली का जायजा लिया।
ऊर्जा सचिव ने कजरा सौर ऊर्जा सह बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजना के निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण करते हुए बताया कि परियोजना के प्रथम चरण का सफलतापूर्वक वाणिज्यिक संचालन प्रारंभ हो चुका है, जबकि द्वितीय चरण के अंतर्गत 116 मेगावाट सौर ऊर्जा एवं 241 मेगावाट-आवर बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली का निर्माण कार्य प्रगति पर है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कार्यान्वयन एजेंसियों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा के भीतर द्वितीय चरण का कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।
श्री यादव ने कहा कि कजरा परियोजना की कुल क्षमता 301 मेगावाट सौर ऊर्जा एवं 523 मेगावाट-आवर बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली की है। इसके प्रथम चरण में 185 मेगावाट सौर ऊर्जा एवं 282 मेगावाट-आवर बैटरी ऊर्जा भंडारण क्षमता का वाणिज्यिक संचालन 26 फरवरी 2026 से प्रारंभ हो चुका है। यह परियोजना देश की सबसे बड़ी बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं में से एक है। इससे पीक डिमांड के दौरान ग्रिड की स्थिरता बढ़ेगी तथा बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली के माध्यम से सूर्यास्त के बाद भी लगभग चार घंटे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।
लखीसराय अतिथि गृह में आयोजित समीक्षा बैठक में पीएम सूर्य घर, राजस्व संग्रहण, उपभोक्ता सेवाओं, विद्युत आपूर्ति एवं विभिन्न विद्युत परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने उपभोक्ता शिकायतों के त्वरित निस्तारण, लाभार्थियों के नियमित स्थलीय निरीक्षण, जले हुए ट्रांसफार्मरों को निर्धारित समय के अंदर बदलने, पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रखने, बिजली बिल का समय पर भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के विद्युत कनेक्शन काटने तथा राजस्व संग्रहण में तेजी लाने के निर्देश दिए।
साथ ही गड़ीरामपुर (मुंगेर), अशोकधाम एवं बन्नू बगीचा (लखीसराय) की निर्माणाधीन 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र परियोजनाओं सहित सभी योजनाओं का कार्य नवंबर 2026 तक निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने तथा उपभोक्ताओं को बेहतर एवं निर्बाध विद्युत सेवाएं सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।
ऊर्जा सचिव ने अधिकारियों को मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने, उपभोक्ता शिकायतों का त्वरित निस्तारण करने तथा सभी विकास कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।
इसके बाद ऊर्जा सचिव ने 220/132/33 केवी ग्रिड उपकेंद्र मोकामा का निरीक्षण कर ग्रिड की कार्यप्रणाली, विद्युत आपूर्ति की विश्वसनीयता, अनुरक्षण व्यवस्था तथा तकनीकी सुधारों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को ग्रिड की दक्षता बनाए रखने तथा उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। साथ ही, प्रतिदिन एसओपी रजिस्टर संधारित करने तथा संचालन एवं अनुरक्षण संबंधी सभी मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक एवं निरीक्षण के दौरान जिला प्रशासन तथा विद्युत वितरण कंपनियों के वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
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