रुड़की , मार्च 12 -- नवीकरणीय ऊर्जा के बढ़ते विस्तार को देखते हुए बड़े स्तर पर ऊर्जा भंडारण की व्यवस्था विकसित करना आवश्यक हो गया है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के अध्यक्ष घनश्याम प्रसाद ने पंपित भंडारण जलविद्युत परियोजनाओं की स्थापना में तेजी लाने की आवश्यकता पर बल दिया।

गुरुवार को उन्होंने यह बात नयी दिल्ली मे पंपित भंडारण जलविद्युत विषय पर आयोजित एक कार्यक्रम में विशेषज्ञों को संबोधित करते हुए कही। इस अवसर पर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट भारत में पंपित भंडारण जलविद्युत: प्रगति, पहल, बाज़ार वृद्धि और चुनौतियाँ भी जारी की गई।

अध्यक्ष घनश्याम प्रसाद ने कहा कि भारत में नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन में तेजी से वृद्धि हो रही है। इस वृद्धि को बनाए रखने के लिए दीर्घ अवधि ऊर्जा भंडारण प्रणालियों का विकास जरूरी है। उन्होंने बताया कि पंपित भंडारण जलविद्युत एक सिद्ध दीर्घ अवधि ऊर्जा भंडारण तकनीक है, जिसमें स्वदेशीकरण का स्तर भी काफी अधिक है और यह पीक समय में तुलनात्मक रूप से कम लागत पर बिजली उपलब्ध कराने में सक्षम है।

उन्होंने रिपोर्ट तैयार करने वाली टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह अध्ययन भारत में पंपित भंडारण जलविद्युत परियोजनाओं के विकास को गति देने में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान करेगा। इस रिपोर्ट का नेतृत्व जलविद्युत और पंपित भंडारण के विशेषज्ञ अरुण कुमार ने किया है।

आईआईटी रुड़की द्वारा जारी जानकारी मे बताया गया कि कार्यक्रम में प्रोफेसर अरुण कुमार ने कहा कि देश के विद्युत तंत्र को कार्बन मुक्त बनाने के लिए पंपित भंडारण जलविद्युत परियोजनाओं का तेजी से विकास जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने इन तकनीकों के स्वदेशी विकास के लिए अनुसंधान और विकास में निवेश बढ़ाने पर भी जोर दिया।

इस अवसर पर केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के अधिकारी, परियोजना विकसित करने वाली संस्थाएं, परामर्श कंपनियां, वित्तीय संस्थान तथा तकनीकी सेवा प्रदाता भी मौजूद रहे।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित