, Aug. 30 -- श्री सिन्हा ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में कृषि विभाग के संबंधित पदाधिकारियों को उर्वरक बिक्री की डिजिटल एवं फार्मर आईडी आधारित व्यवस्था, उर्वरक की उपलब्धता एवं वितरण व्यवस्था तथा किसानों को गुणवत्तायुक्त उर्वरक एवं बीज की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित करने से संबंधित आवश्यक जानकारी एवं प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
कृषि मंत्री ने कहा कि खाद की बिक्री व्यवस्था को डिजिटल बनाने का उद्देश्य केवल तकनीकी बदलाव नहीं, बल्कि किसान हित में पूरी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है। सरकार का प्रयास है कि किसानों को उनकी आवश्यकता के समय आवश्यक कृषि इनपुट आसानी से उपलब्ध हो और उन्हें किसी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़े।
श्री सिन्हा ने कहा कि बिहार के किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए कृषि व्यवस्था को अधिक स्मार्ट, पारदर्शी और किसान-केंद्रित बनाना सरकार का संकल्प है। उर्वरक बिक्री की डिजिटल व्यवस्था इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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