जालौन , मई 15 -- उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में शुक्रवार को उरई तहसील परिसर में भ्रष्टाचार निवारण संगठन झांसी की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कानूनगो को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी के साथ एक निजी व्यक्ति को भी हिरासत में लिया गया है। कार्रवाई के दौरान तहसील परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि ग्राम रमपुरा थाना डकोर निवासी अनिल कुमार ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन से शिकायत की थी कि उसके पिता जवाहर सिंह के नाम दर्ज गाटा संख्या 1334, रकबा 1.036 हेक्टेयर कृषि भूमि की हदबंदी का मामला उपजिलाधिकारी उरई न्यायालय में लंबित था। मामले की पत्रावली राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) संदीप कुमार तिवारी के पास पहुंची थी।
आरोप है कि कानूनगो संदीप कुमार तिवारी ने मौके का मुआयना, पैमाइश और रिपोर्ट लगाने के नाम पर 15 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। बाद में सौदा 10 हजार रुपये में तय हुआ। शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने भ्रष्टाचार निवारण संगठन झांसी से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत का सत्यापन होने के बाद शुक्रवार को भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने जाल बिछाया। दोपहर करीब 1:25 बजे उरई तहसील परिसर स्थित कार्यालय में कानूनगो संदीप कुमार तिवारी को शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया। टीम ने उसके साथ राजेन्द्र प्रसाद उर्फ लंबरदार निवासी कोटरा को भी पकड़ा, जो निजी मुंशी के रूप में कार्य कर रहा था।
कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद 20 से 25 लोगों की भीड़ ने विरोध जताते हुए टीम की कार्रवाई में बाधा डालने का प्रयास किया। इस दौरान वीडियो बना रहे आरक्षी दयाशंकर की उंगली घायल हो गई।
भ्रष्टाचार निवारण संगठन के निरीक्षक श्याम सिंह के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई में निरीक्षक उदय राज निषाद, जगदीश यादव, दिनेश कुमार, इरशाद खान, राहुल कुशवाहा, ओमकार सिंह, शिवम कुमार द्विवेदी, मनोज कुमार, अनिल कुमार और आरक्षी दयाशंकर शामिल रहे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित