कोलकाता , सितंबर 04 -- क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल (सीएबी) ने लेग-स्पिनर रोहित यादव पर उम्र से जुड़ी धोखाधड़ी के कारण दो साल का प्रतिबंध लगाया गया है। यह गड़बड़ी तब सामने आई जब सीएबी ने अपने खिलाड़ियों के लिए प्री-सीजन डॉक्यूमेंटेशन ड्राइव चलाई। इसके बाद रोहित को भारत अंडर-19 टीम से हटा दिया गया है। उन्हें इस महीने के आखिर में ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 के खिलाफ पांच वनडे और दो मल्टी-डे मैच खेलने हैं।

इस एज-ग्रुप सर्किट में बंगाल का प्रतिनिधित्व वाले रोहित की उम्र में 27 महीने की गड़बड़ी पाई गई है, जैसा कि सीएबी ने बताया है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से जुड़ी सभी राज्य इकाइयों को इस प्रतिबंध के बारे में बता दिया गया है, जो तुरंत लागू हो गया है।

सीएबी ने उम्र से जुड़ी ऐसी ही गड़बड़ियों के लिए 64 अन्य खिलाड़ियों पर भी प्रतिबंध लगाया है। इनमें रवि कुमार भी शामिल हैं, जो भारत की अंडर-19 वर्ल्ड कप विजेता टीम का हिस्सा थे और कैरिबियन में इंग्लैंड के खिलाफ 2022 के फ़ाइनल में शानदार प्रदर्शन किया था। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज रवि कुमार ने उसी साल बंगाल की सीनियर टीम के लिए डेब्यू किया था, लेकिन आखिरी बार 2023 में खेले थे। उनके डेब्यू से लेकर 2025-26 सीज़न तक के सभी एज-ग्रुप रिकॉर्ड अमान्य माने जाएंगे। क्रिकइन्फो के अनुसार, रवि कुमार की उम्र में 40 महीने से ज्यादा की गड़बड़ी है।

इससे पहले, बीसीसीआई ने उम्र से जुड़ी धोखाधड़ी के बढ़ते मामलों से निपटने के लिए अलग-अलग तरीके अपनाए हैं। 2020 में, उसने दोषियों के लिए सज़ा के प्रावधान के साथ एक एमनेस्टी स्कीम (माफ़ी योजना) का प्रस्ताव रखा था। इसके तहत, रजिस्टर्ड खिलाड़ी अपनी उम्र में किसी भी गड़बड़ी की जानकारी खुद दे सकते थे और अगर वे अपनी सही जन्मतिथि बताते तो सस्पेंशन से बच सकते थे, लेकिन अगर वे नियम तोड़ते हुए पाए जाते तो उन पर प्रतिबंध लगाया जाता।

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