अलवर , जुलाई 22 -- राजस्थान में अलवर जिले के नौगावां थाना क्षेत्र में पाटा गांव में एक बार फिर पुरानी दुश्मनी हिंसा में बदल गयी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2016 के चर्चित अवतार सिंह हत्याकांड में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व जिलाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह समेत नौ लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाये जाने के महज चार दिन बाद जेल जा चुके पक्ष की महिलाओं पर तलवार, कृपाण और लाठियों से हमला किया गया। हमले में तीन महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गयीं। घटना के बाद पूरे गांव में तनाव का माहौल है और एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
घटना बुधवार मध्याह्न करीब 12 बजे की बताई जा रही है। घायल महिलाओं में 40 वर्षीय त्रिलोचन कौर, उनकी बहन कर्मजीत कौर और नवजोत कौर शामिल हैं। तीनों को पहले नौगावां अस्पताल ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद अलवर के राजीव गांधी सामान्य चिकित्सालय भेज दिया गया। अस्पताल में भर्ती त्रिलोचन कौर की पीठ पर करीब आधा फुट लंबा गहरा घाव है, जबकि कर्मजीत कौर और नवजोत कौर के हाथों पर गंभीर चोटें आयी हैं।
घायल त्रिलोचन कौर के पति आशा सिंह ने आरोप लगाया कि सुबह अवतार सिंह के पुत्र अजयपाल, कुलदीप और उनके परिवार की महिलाएं राशन की दुकान पर पहुंचीं। उन्होंने दुकान का ताला तोड़ दिया और गेहूं जबरन ले जाने लगे। विरोध करने पर पहले से बनायी गयी साजिश के तहत तलवार, कृपाण और लाठियों से हमला कर दिया।
आशा सिंह ने बताया कि वह राशन डीलर हैं और परिवार के अधिकतर पुरुष सदस्य 2016 के हत्याकांड में उम्रकैद की सजा मिलने के बाद जेल में हैं। इसी का फायदा उठाकर महिलाओं पर हमला किया गया।
घायल महिला के भतीजे गुरविंदर सिंह ने बताया कि घटना के समय वह घर पर नहीं थे। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे और तीनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
नौगावां थाना प्रभारी हरदयाल सिंह ने इस घटना को अदालत के फैसले से जोड़ने से इन्कार किया है। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला दुकान किराये पर देने को लेकर हुए विवाद का सामने आया है। दोनों पक्ष आपस में रिश्तेदार हैं और झगड़ा दुकान किराये पर देने की बात पर हुआ। एक पक्ष दुकान किराए पर देने के पक्ष में था जबकि दूसरा पक्ष उसका विरोध कर रहा था।
पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। थाना प्रभारी ने कहा कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
पाटा गांव में यह विवाद नया नहीं है। दस जून 2016 को सरपंच चुनाव की रंजिश को लेकर अवतार सिंह और उनके परिवार पर हथौड़ों, तलवारों, चाकुओं, लोहे के पाइप, हॉकी और लाठियों से हमला किया गया था। गंभीर रूप से घायल अवतार सिंह की जिला अस्पताल में मौत हो गयी थी।
करीब 10 वर्ष चली सुनवाई के बाद अदालत ने हाल ही में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह सहित नौ आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। मृतक पक्ष ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा था, " न्याय देर से मिला, लेकिन सही मिला।"अदालत के फैसले के चार दिन बाद ही दूसरे पक्ष की महिलाओं पर हुए इस हमले ने पूरे मामले को फिर सुर्खियों में ला दिया है। परिजन इसे बदले की कार्रवाई बता रहे हैं, जबकि पुलिस फिलहाल इसे दुकान किराये पर देने के विवाद से जोड़ रही है। दोनों पक्षों के अलग-अलग दावों के बीच पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच में जुटी है।
गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
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