भोपाल , सितंबर 17 -- मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और उमा भारती के बीच वर्ष 2003 से चल रहे मानहानि प्रकरण में गुरुवार को भोपाल जिला एवं सत्र न्यायालय की विशेष एमपी-एमएलए अदालत में सुनवाई हुई। विशेष न्यायाधीश विजय कुमार पाठक की अदालत में उमा भारती के बयान दर्ज होने थे, लेकिन वह न्यायालय में उपस्थित नहीं हुईं।
उमा भारती की ओर से उनके अधिवक्ता ने न्यायालय में हाजिरी माफी का आवेदन प्रस्तुत किया। न्यायालय ने आवेदन स्वीकार करते हुए उमा भारती को व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट दे दी। अदालत ने निर्देश दिया कि अगली निर्धारित तारीख पर उमा भारती को न्यायालय में उपस्थित होकर अपने बयान दर्ज कराने होंगे। मामले में अगली सुनवाई की तारीख भी निर्धारित कर दी गई है।
वर्ष 2003 में तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने उमा भारती के खिलाफ आपराधिक मानहानि का प्रकरण दर्ज कराया था। चुनाव प्रचार के दौरान उमा भारती द्वारा दिग्विजय सिंह के खिलाफ लगाए गए कथित आरोपों को लेकर यह मामला दर्ज हुआ था। करीब 23 वर्ष से लंबित यह प्रकरण अब अंतिम चरण में है। उमा भारती के बयान दर्ज होने के बाद मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने की संभावना है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित