जम्मू , जुलाई 12 -- जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने रविवार को घोषणा की कि वह 20 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मॉनसून सत्र के दौरान 'दिल्ली चलो' अभियान चलाएंगे। इस अभियान का उद्देश्य इस केन्द्रशासित प्रदेश को राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग को तेज़ करना है क्योंकि राज्य के लोग केंद्र के वादे को पूरा करने का और ज़्यादा इंतज़ार नहीं कर सकते है।
श्री अब्दुल्ला ने जम्मू के महाराजा हरि सिंह पार्क में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि अब बहुत हो चुका है और नेशनल कॉन्फ्रेंस ने पिछले 21 महीनों तक संयम बरता है लेकिन उसकी चुप्पी को हल्के में लिया गया है।
उन्होंने कहा, "कश्मीर के बाद हम इतनी बड़ी संख्या में यहां इकट्ठा हुए हैं और इससे पता चलता है कि हम राज्य का दर्जा पाने के लिए और इंतज़ार नहीं कर सकते। हमारी खामोशी को हल्के में लिया गया लेकिन अब बहुत हो चुका है।" उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए राज्य का दर्जा बहाल करने के बारे में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वादे की याद दिलाई।
श्री अब्दुल्ला ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य का दर्जा देने के बारे में कहा था कि 'ये मोदी का वादा है' उसे लागू करना चाहिए। हम चुप रहे, लेकिन हमारी सादगी का गलत फायदा उठाया गया। अब हमें सड़कों पर उतरने और अपने अधिकारों के लिए लड़ने को मजबूर होना पड़ा है।" केंद्र सरकार द्वारा बार-बार दिए जा रहे आश्वासनों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि जब भी नेशनल कॉन्फ्रेंस ने राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए समय-सीमा की मांग की तो उन्हें हर बार एक जैसा ही जवाब मिला। पार्टी के आंदोलन के अगले चरण की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने श्रीनगर से जम्मू तक का सफ़र सिर्फ़ इसलिए किया ताकि आंदोलन को राष्ट्रीय राजधानी ले जाने से पहले लोगों की मंज़ूरी ली जा सके।
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