कानपुर , अक्टूबर 17 -- उत्तर प्रदेश के कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात को नई गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा), वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार तथा उत्तर प्रदेश सरकार के प्रयासों से प्रदेश से पहली बार तरल ग्लूकोज का वाणिज्यिक निर्यात वियतनाम को किया गया।
कानपुर से शुक्रवार को 48 मीट्रिक टन तरल ग्लूकोज की खेप रवाना की गई। यह उपलब्धि प्रदेश के खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में नए अवसर खोलने के साथ ही निर्यात उत्पादों में विविधता लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि तरल ग्लूकोज का यह निर्यात प्रदेश के प्रसंस्कृत खाद्य निर्यात क्षेत्र के विस्तार, निर्यात उत्पादों में विविधता तथा वैश्विक बाजारों में उत्तर प्रदेश की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे प्रदेश के खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को नए निर्यात अवसर प्राप्त होंगे और राज्य की निर्यात क्षमता को और मजबूती मिलेगी।
श्री बी. एल. मीना, अध्यक्ष, राजस्व परिषद ने लखनऊ स्थित राजस्व परिषद से वर्चुअल माध्यम से निर्देशित करते हुए निर्यात खेप को रवाना किया। कार्यक्रम में महाप्रबंधक श्रीमती विनीता सुधांशु, डॉ. सी. बी. सिंह, उप महाप्रबंधक (डीजीएम), एपीडा तथा वरिष्ठ सलाहकार तरुण बजाज भी उपस्थित रहे।
इस खेप का निर्यात कानपुर स्थित एच.एल. एग्रो प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया गया है। तरल ग्लूकोज की यह खेप कानपुर स्थित अंतर्देशीय कंटेनर डिपो (आईसीडी) से जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह (जेएनपीटी), नवी मुंबई, महाराष्ट्र के माध्यम से वियतनाम पहुंचेगी। यह परिवहन व्यवस्था प्रदेश के विनिर्माण केंद्रों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों से जोड़ने में बेहतर लॉजिस्टिक्स सुविधाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को भी रेखांकित करती है।
तरल ग्लूकोज खाद्य प्रसंस्करण उद्योग का महत्वपूर्ण उत्पाद है। इसका उपयोग बेकरी उत्पादों, मिठाइयों, कन्फेक्शनरी, पेय पदार्थों सहित विभिन्न खाद्य उत्पादों के निर्माण में किया जाता है। इसके निर्यात की शुरुआत से उत्तर प्रदेश के कृषि आधारित एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को वैश्विक बाजारों में अपनी उपस्थिति बढ़ाने तथा नए व्यापारिक अवसर प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
इस निर्यात को सुगम बनाने के लिए एपीडा द्वारा निर्यातक को आवश्यक दस्तावेजीकरण, निर्यात संबंधी तैयारियों और अन्य प्रक्रियाओं में मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान किया गया। खेप की योजना के दौरान एपीडा के अधिकारियों ने विनिर्माण इकाई का स्थलीय निरीक्षण भी किया। इससे निर्यात प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाने और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक उत्पाद पहुंचाने में सहयोग मिला।
इस खेप के लिए कच्चे माल की आपूर्ति उत्तर प्रदेश एवं बिहार से की गई, जबकि इसका प्रसंस्करण कानपुर स्थित कंपनी की विनिर्माण इकाई में किया गया। यह व्यवस्था अंतरराज्यीय कृषि आपूर्ति शृंखला को मजबूत करने के साथ स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की संभावनाओं को भी दर्शाती है।
एपीडा एवं उत्तर प्रदेश सरकार के निरंतर प्रयासों से प्रदेश के कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहन मिल रहा है। वियतनाम को तरल ग्लूकोज का पहला वाणिज्यिक निर्यात प्रदेश के निर्यात क्षेत्र में एक नई उपलब्धि है, जो उत्तर प्रदेश के कृषि आधारित उद्योगों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ने तथा राज्य को खाद्य प्रसंस्करण एवं निर्यात के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने में सहायक होगा।
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