सहारनपुर , जून 16 -- उत्तर प्रदेश शासन ने सहारनपुर में 2015 में जिला खान अधिकारी रहे राजकुमार संगम पर लगे गंभीर आरोपों की जांच कमिश्नर डा. रूपेश कुमार को सौंपी है।
डा. रूपेश कुमार ने आज बताया कि शासन ने जून 2025 में सेवानिवृत्त हो चुके पूर्व जिला खान अधिकारी राजकुमार संगम पर पांच गंभीर आरोप की जांच वह कर रहे हैं।
राजकुमार संगम पर आरोप है कि उन्होंने सहारनपुर में अपनी नियुक्ति के दौरान अपने पद का दुरूपयोग करते हुए पूर्व बसपा एमएलसी एवं खनन व्यवसायी हाजी इकबाल उर्फ बाल्ला से सांठगांठ करके सहारनपुर बेहट क्षेत्र के सम्मानित समाजसेवी एवं ग्राम प्रधान रणवीर सिंह के खिलाफ चार करोड़ चौबीस लाख के फर्जी रिकवरी नोटिस जारी किए थे।
उन्होंने उस दौरान अवैध खनन की शिकायतें मिलने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की थी। 2015 में अवैध खनन के एक मामले में सुनवाई का अवसर दिए बगैर और सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना रणवीर सिंह के खिलाफ नोटिस जारी कर जुर्माना आरोपित किया था। शासन ने इसे नियमों के विपरीत मनमाना गंभीर कदम माना था।
चौधरी रणवीर सिंह ने बताया कि उन्होंने खनन माफिया हाजी इकबाल उर्फ बाल्ला, जिला खान अधिकारी राजकुमार संगम और पूर्व जिला खान अधिकारी समरेंद्र कुमार दास और खनन विभाग के लिपिक अफजाल अहमद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर आरोप लगाए थे। पुलिस ने इस मुकदमें में चार्जशीट दाखिल की थी। एफआईआर 11 अगस्त 2019 को दर्ज कराई गई थी। रिपोर्ट में इन लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 467, 468, 471, 120बी और 167 के तहत आरोप लगाए गए थे।
गौरतलब है कि बसपा और सपा शासन के दौरान सहारनपुर जिले में अवैध खनन का जबरदस्त बोलबाला था और उस दौरान खनन माफिया हाजी इकबाल जिला खान अधिकारियों और पुलिस प्रशासनिक अफसरों से सांठगांठ कर बड़े स्तर पर अवैध खनन कर रहा था और कई वर्षों से वह फरार है और विदेशों में छिपा हुआ है। उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस ने लाखों का इनाम भी घोषित किया हुआ है।
डा. रूपेश कुमार ने बताया कि वह मांगे गए बिंदुओं पर शीघ्र जांच कर अपनी रिपोर्ट शासन को सौंपेंगे।
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