लखनऊ , अक्टूबर 27 -- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक होगी। बैठक में 16 से अधिक प्रस्तावों पर चर्चा कर उन्हें मंजूरी दिए जाने की तैयारी है। इनमें प्रदेश के लाखों शिक्षकों और कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने से लेकर अस्पतालों को पीपीपी मॉडल पर संचालित करने, एक्सप्रेसवे परियोजनाओं और साइबर सुरक्षा के लिए नई व्यवस्था बनाने जैसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव शामिल हैं।
बैठक में प्रदेश के करीब 10 लाख शिक्षकों और कर्मचारियों को पांच लाख रुपये तक कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का प्रस्ताव रखा जाएगा। इस योजना का लाभ संबंधित कर्मचारियों के परिवारों को भी मिलेगा। अनुमान के मुताबिक परिवारों को शामिल करने पर करीब 50 लाख लोगों को इसका फायदा मिल सकता है।
प्रस्तावित योजना में सहायता प्राप्त एवं वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों, संस्कृत विद्यालयों, सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों तथा समग्र शिक्षा परियोजना के पात्र कर्मचारियों को शामिल किया जाना है। योजना लागू होने के बाद पात्र लाभार्थियों को इलाज के लिए निर्धारित अस्पतालों में कैशलेस सुविधा मिल सकेगी।
मैनपुरी में सैनिक स्कूल के निर्माण से जुड़ा प्रस्ताव भी कैबिनेट के सामने आएगा। इसके लिए नौनेर ग्राम सभा की 9.524 हेक्टेयर जमीन मुफ्त उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद परियोजना को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ होगा।
प्रदेश सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में निजी भागीदारी बढ़ाने की दिशा में भी कदम उठाने जा रही है। इसके तहत 200 या उससे अधिक बेड वाले चार अस्पतालों को पीपीपी मॉडल पर संचालित करने की तैयारी है। प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद इसके क्रियान्वयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।
प्रयागराज के स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय की क्षमता में बड़े विस्तार का प्रस्ताव है। अस्पताल में मौजूदा 1,250 बेड की क्षमता को बढ़ाकर 3,000 बेड करने की योजना है। इससे प्रयागराज और आसपास के जिलों से आने वाले मरीजों को बड़े स्तर पर उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
कैबिनेट में प्रदेश की कनेक्टिविटी से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर भी निर्णय होने की उम्मीद है। फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के दो पैकेज, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे लिंक तथा झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के दो पैकेजों के लिए विकासकर्ता के चयन का प्रस्ताव रखा जाएगा। इन परियोजनाओं को मंजूरी मिलने के बाद प्रदेश के विभिन्न हिस्सों के बीच सड़क संपर्क और बेहतर होने की उम्मीद है।
प्रयागराज के देवघाट-झलवा क्षेत्र में इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिकारियों के लिए आवास निर्माण का प्रस्ताव भी कैबिनेट में रखा जाएगा। राज्य में भंडारण क्षमता को बढ़ाने के लिए झांसी और ललितपुर में भंडारगृह बनाए जाने की योजना है। इसके लिए राज्य भंडारण निगम को मुफ्त जमीन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव कैबिनेट के सामने रखा जा सकता है ।
प्रदेश में निवेश आकर्षित करने की नीति के तहत विदेशी पूंजी निवेश और फार्चून-500 से जुड़ी पात्र कंपनियों को सब्सिडी देने का प्रस्ताव भी बैठक में रखा जाएगा। सरकार का उद्देश्य बड़े निवेश को प्रोत्साहित कर औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को बढ़ाना है।
कैबिनेट में शिक्षा सेवा अधिकरण विधेयक-2021 में संशोधन का प्रस्ताव भी शामिल है। इसके साथ ही पंचायतीराज सामान्य निवास नियमावली-2026 और राज्य पशुधन मिशन से जुड़े प्रस्तावों पर भी विचार किया जाएगा। बैठक में जीसीसी नीति-2024 की उच्चस्तरीय समिति की सिफारिशों को मंजूरी देने का प्रस्ताव है। इसके अलावा भारतीय स्टांप अधिनियम-1899 में संशोधन और अंतर्देशीय जलयान नियमावली-2026 को मंजूरी देने से संबंधित प्रस्ताव भी कैबिनेट के सामने रखे जाएंगे।
कुल मिलाकर मंगलवार की कैबिनेट बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा, साइबर सुरक्षा, निवेश, एक्सप्रेसवे, आवास, भंडारण, पंचायतीराज और पशुधन समेत कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े प्रस्तावों पर निर्णय होने की उम्मीद है।
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