कानपुर , फरवरी 18 -- उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य रमेश चन्द्र कुंडे ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिये कि जिले में संचालित सभी निजी नर्सिंग होम एवं अस्पतालों का सत्यापन कर विशेष अभियान चलाया जाए।
श्री कुंडे ने बुधवार को भ्रमण के दौरान सर्किट हाउस सभागार में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में कानून-व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति से जुड़े मामलों की गहन समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान सदस्य ने बिना पंजीकरण संचालित नर्सिंग होम को तत्काल सील करने तथा निर्धारित मानकों के विपरीत संचालित संस्थानों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। आईसीयू/एनआईसीयू जैसी सुविधाएं बिना वैध अनुमति संचालित पाए जाने पर त्वरित कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए।
पुलिस विभाग की समीक्षा करते हुए रमेश चन्द्र कुंडे ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति के विरुद्ध होने वाले अत्याचारों पर प्रभावी अंकुश लगाने को कहा। उन्होंने एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामलों में निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि पीड़ितों को शीघ्र न्याय मिल सके।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग को सुरक्षा, सम्मान और न्याय मिले। इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें। जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने तथा लापरवाही पर जिम्मेदारी तय करने की चेतावनी भी दी गई।
समीक्षा बैठक के उपरांत सदस्य ने चुन्नीगंज स्थित सुदर्शन नगर क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पेयजल, जलनिकासी, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाओं का जायजा लिया गया। स्थानीय नागरिकों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनी गईं और संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही समाधान के निर्देश दिए गए।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित