श्रीनगर , सितंबर 01 -- जम्मू -कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने मंगलवार को सुरक्षा एजेंसियों को आतंकी नेटवर्क पर लगातार दबाव बनाये रखने और नये खतरों को निर्णायक रूप से खत्म करने के लिए आक्रामक इलाकाई दबदबे की रणनीति अपनाने के निर्देश दिये।

उपराज्यपाल ने केंद्र शासित प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था और रणनीतिक तैयारियों का जायजा लेने के लिए वरिष्ठ नागरिक, पुलिस और सुरक्षा अधिकारियों के साथ आयोजित उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह निर्देश जारी किये। उन्होंने सभी अधिकारियों को केंद्र शासित प्रदेश में शांति और कानून-व्यवस्था बनाये रखने के लिए उच्चस्तरीय अभियानगत सतर्कता, एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और सक्रिय दृष्टिकोण बनाये रखने के निर्देश दिये।

एक आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि उपराज्यपाल ने वरिष्ठ अधिकारियों को जमीनी स्तर पर तालमेल बढ़ाने और आतंकी नेटवर्क पर लगातार नकेल कसने के निर्देश दिये।

सुरक्षा व्यवस्था के लिए जनता के भरोसे को महत्वपूर्ण बताते हुए उपराज्यपाल ने पुलिस अधिकारियों को आम लोगों के साथ सीधा संवाद बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने नागरिकों की समस्याएं सुनने और उनके समाधान के लिए विशिष्ट समय निर्धारित करने को कहा।

थाना स्तर पर कामकाज की समीक्षा करते हुए उपराज्यपाल ने शिकायतों के पारदर्शी, निष्पक्ष और संवेदनशील निपटारे की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने अधिकारियों को पूरी पेशेवर दक्षता के साथ जांच करने के निर्देश दिये।

उपराज्यपाल ने कहा, "पुलिस को जनता के साथ निरंतर और मजबूत संपर्क बनाये रखना चाहिए। हर जायज शिकायत का संवेदनशीलता से समाधान होना चाहिए और प्रत्येक मामले की जांच पूरी निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ की जानी चाहिए।"उपराज्यपाल ने मादक पदार्थों तस्करों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की सराहना की। उन्होंने नार्को-आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ अभियान तेज करने और डिजिटल खतरों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिये। साइबर और सोशल मीडिया के क्षेत्र में उभरती चुनौतियों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने राष्ट्रविरोधी दुष्प्रचार, फर्जी रिपोर्टों और ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग से निपटने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की कड़ी निगरानी के आदेश दिये।

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