श्रीगंगानगर , मार्च 07 -- राजस्थान के श्रीगंगानगर में उपभोक्ता हितों की रक्षा और बाजार में सही वजन-माप और सही जानकारी देने के लिए विधिक माप विज्ञान विभाग की ओर से चलाये जा रहे विशेष अभियान में शनिवार को सख्ती दिखायी गयी।
विभाग के विधिक माप विज्ञान अधिकारी अमित कुमार चौधरी ने आज श्रीगंगानगर में प्रसिद्ध फर्म मेसर्स अग्रवाल फूड प्रोडक्ट्स का अचानक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान फर्म द्वारा पैक किये जा रहे नमकीन पैकेटों में गंभीर अनियमिततायें पायीं गयीं, जिसके कारण विभाग ने फर्म पर तत्काल 30 हजार रुपये का जुर्माना लगा दिया।
श्री चौधरी ने बताया कि फर्म के पैकेटों पर पैकेज कमोडिटी नियम 2011 के तहत अनिवार्य घोषणाएं पूरी तरह नदारद पायी गयीं। पैकेट पर न तो निर्माता का पूरा पता, न वजन, न एमआरपी, न बैच नंबर और न ही अन्य जरूरी जानकारी अंकित थी। यह सीधे-सीधे विधिक माप विज्ञान अधिनियम 2009 की धारा 18 (1) का उल्लंघन है, जो धारा 36 (1) के तहत दंडनीय अपराध माना जाता है।
इसके अलावा फर्म के पास विभाग से पैकिंग पंजीयन ही नहीं था। इस कारण पैकेज कमोडिटी नियम 2011 के नियम 27 का भी स्पष्ट उल्लंघन पाया गया। इस पर फर्म को तुरंत 30 हजार रुपये का जुर्माना राजकोष में जमा कराने का आदेश दिया है।
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