नैनीताल , जुलाई 15 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने पूर्व सैनिक कल्याण निगम (उपनल) कार्मिकों के विनियमितीकरण के मामले में प्रदेश सरकार को तीन सप्ताह की मोहलत दी है। इस मामले में अगली सुनवाई छह अगस्त को होगी।
उपनल कर्मचारी संघ की ओर से दायर अवमानना याचिका पर बुधवार को न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की पीठ में सुनवाई हुई। अदालत के पूर्व के आदेश पर कार्मिक सचिव शैलेष बगौली, सचिव वित्त दिलीप जावलकर और सचिव समाज कल्याण युगल किशोर पंत अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश हुए।
राज्य सरकार की ओर से आज उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता तुषार मेहता पेश हुए और उन्होंने कहा कि वह इस मामले समग्र समाधान के लिए अधिकारियों के साथ बातचीत करेंगे। उन्होंने अदालत से पूरे प्रकरण के लिए चार से पांच सप्ताह का समय मांगा।
अदालत ने उन्हें तीन सप्ताह का समय देते हुए अगली सुनवाई के लिये छह अगस्त की तिथि सुनिश्चित कर ली। हालांकि उपनल कार्मिक संघ की ओर से इस मामले में आपत्ति दर्ज करते हुए कहा गया कि सरकार उपनल कार्मिकों पर दवाब बना रही है। अदालत ने उनकी आपत्ति को खारिज करते हुए सरकार को तीन सप्ताह की मोहलत दे दी।
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