नैनीताल, 09 (वार्ता) उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने पूर्व सैनिक कल्याण निगम (उपनल) कार्मिकों के विनियमितीकरण के मामले में मंगलवार को सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से दो सप्ताह में आदेश का अनुपालन करने के निर्देश दिये।

उपनल कर्मचारी संगठन और अन्य की ओर से दायर अवमानना याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की पीठ ने ये निर्देश जारी किये। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से प्रदेश सरकार की ओर से कहा गया कि सरकार न्यूनतम वेतनमान देने को तैयार है लेकिन कुछ कार्मिकों की ओर से अनुबंध पर हस्ताक्षर किये गये हैं।

उपनल कर्मचारी सगठन के अधिवक्ता एमसी पंत ने बताया कि इस पर अदालत ने कहा कि सरकार की ओर से अनुबंध की शर्त गलत है। अंत में अदालत ने सरकार को दो सप्ताह में खंडपीठ के 12 नवंबर 2018 के आदेश का अनुपालन करने के निर्देश दिए हैं।

अदालत ने कहा कि सरकार कार्मिकों को दो सप्ताह में न्यूनतम वेतनमान देने के आदेश जारी करें। अब इस मामले में आगामी दो जुलाई को सुनवाई होगी।

उल्लेखनीय है कि उच्च न्यायालय ने कुंदन सिंह बनाम राज्य सरकार मामले में 12 नवंबर 2018 को एक आदेश जारी कर उपनल कार्मिकों के विनियमितिकरण के साथ ही उन्हें महंगाई भत्ता (डीए) के भुगतान और कार्मिकों के वेतन से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) नहीं काटने के निर्देश दिये थे।

इसके बाद उच्चतम न्यायालय की ओर से भी इस निर्णय की पुष्टि कर दी गई। इसी के बाद उपनल कार्मिक संगठन की ओर से इस मामले में अवमानना याचिका दायर की गई है।

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