गाजीपुर/मऊ , मई 30 -- जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और गाजीपुर से सांसद अफजाल अंसारी की सोशल मीडिया में एक साथ वायरल तस्वीरें पूर्वांचल के कई जिलों में चर्चा का विषय बन गई हैं। तस्वीरें श्रीनगर स्थित राजभवन में उद्योग संबंधी संसदीय स्थायी समिति के आधिकारिक कार्यक्रम के दौरान ली गई बताई जा रही हैं।
जानकारी के अनुसार उद्योग संबंधी संसदीय स्थायी समिति के सदस्य के रूप में सांसद अफजाल अंसारी सहित लगभग 30 सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल जम्मू-कश्मीर दौरे पर गया था। इसी क्रम में राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने समिति के सदस्यों का स्वागत किया। वायरल तस्वीरों में मनोज सिन्हा अफजाल अंसारी को स्मृति-चिह्न भेंट करते दिखाई दे रहे हैं, जबकि एक अन्य तस्वीर में सभी सदस्य रात्रिभोज के दौरान एक साथ बैठे नजर आ रहे हैं।
तस्वीरों के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रकार की प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। इसकी प्रमुख वजह यह मानी जा रही है कि मनोज सिन्हा और अफजाल अंसारी लंबे समय से एक-दूसरे के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी माने जाते रहे हैं। दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक और व्यक्तिगत स्तर पर वर्षों से चली आ रही कटुता तथा अतीत की चर्चित घटनाओं के कारण इन तस्वीरों ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन तस्वीरों को संवैधानिक और लोकतांत्रिक व्यवस्था के संदर्भ में भी देखा जाना चाहिए। मनोज सिन्हा वर्तमान में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल के रूप में एक संवैधानिक पद पर हैं, जबकि अफजाल अंसारी संसद की स्थायी समिति के सदस्य के रूप में आधिकारिक दौरे पर पहुंचे थे। ऐसे में राजभवन में उनका एक साथ उपस्थित होना सरकारी और संसदीय प्रक्रियाओं का हिस्सा है।
स्थानीय स्तर पर इन तस्वीरों को लेकर भले ही अलग-अलग तरह की चर्चाएं हो रही हों, लेकिन कई लोगों ने इसे भारतीय लोकतंत्र की परिपक्वता और संस्थागत व्यवस्था का प्रतीक भी बताया है, जहां राजनीतिक मतभेदों के बावजूद संवैधानिक दायित्वों और लोकतांत्रिक परंपराओं का निर्वहन प्राथमिकता बना रहता है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित