उदयपुर , जून 02 -- राजस्थान के उदयपुर में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती पर सात दिवसीय कार्यक्रम का शुभारम्भ 10 जून से होगा।

मेवाड़ क्षत्रिय महासभा के शहर अध्यक्ष डॉ. पृथ्वीराज सिंह चौहान ने मंगलवार को यहां बताया कि 10 जून को हल्दीघाटी दर्रा में पूजन करके माटी लाने का कार्यक्रम होगा। इसके बाद गोगुंदा राजतिलक स्थली पर पूजा अर्चना की जाएगी। उदयपुर में श्रीराम मंदिर सेक्टर 11 में प्रताप अभिषेक और आरती कार्यक्रम होगा। नगर निगम शौर्य दीर्घा में प्रताप की मूर्ति पर दुग्धाभिषेक और माल्यार्पण होगा। इसी दिन श्री चतुर्भज हनुमान मंदिर हरिदासजी की मगरी पर प्रताप की मूर्ति के समक्ष पूजन किया जाएगा। मेवाड़ क्षत्रिय महासभा संस्थान के अध्यक्ष बालूसिंह कानावत ने बताया कि 11 जून को मोतीमगरी स्मारक पर हकीम खां सूरी मूर्ति पर माल्यार्पण और सद्भावना गोष्ठी, भुवाणा चौराहा पर प्रताप की महाआरती, गणगौर घाट पर प्रताप जयंती पर 486 दीप प्रज्वलन किया जाएगा।

उन्होंने 12 जून को राणा प्रताप रेलवे स्टेशन स्थित प्रताप की मूर्ति पर माल्यार्पण, गोवर्धन सागर जहाजनुमा टापू पर पन्नाधाय के वहां पूजा अर्चना और गोष्ठी, रेती स्टैंड पर राणा पूंजा की प्रतिमा पर पूजा अर्चना होगी, जबकि 13 जून को आकाशवाणी कॉलोनी शिव पार्क मंदिर पुरोहितों की मादड़ी में अखंड रामायण पाठ एवं महादेवजी का दुग्धाभिषेक, हाड़ी रानी चौराहा सलूंबर पर हाडी रानी की पूजा अर्चना कर दीप प्रज्वलन किया जाएगा।

यातायात पुलिस चौकी उदयापोल पर महाराणा उदय सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया जाएगा। इसी दिन कालकामाता मंदिर हाथीपोल पर प्रताप को नमन और शस्त्र पूजन किया जाएगा।

कार्यक्रम संयोजक कमलेन्द्र सिंह पंवार ने बताया कि 15 जून को मोतीमगरी स्माकर पर झाला मान पूजन और संगोष्ठी, राजस्थान कृषि महाविद्यालय में प्रताप मूर्ति पूजन और गवरी चौराहा पर दीप प्रज्वलन एवं व्याख्यानमाला का आयोजन किया जाएगा, वहीं 16 जून को सिटी रेलवे स्टेशन पर हल्दीघाटी की माटी से पर्यटकों का स्वागत किया जाएगा।

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