उदयपुर , जनवरी 20 -- राजस्थान में उदयपुर के सांसद डॉ. मन्ना लाल रावत ने उदयपुर शहर को 'वाय' श्रेणी में शामिल करने की मांग को लेकर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सितारमण को पत्र लिखा है।
सांसद डॉ रावत ने मंगलवार को बताया कि पत्र में कहा गया है कि उदयपुर शहर वर्तमान में जेड श्रेणी में वर्गीकृत है। उदयपुर नगर निगम सीमा क्षेत्र में हुए विस्तार से वर्तमान में निगम में कुल 80 वार्डों का गठन किया गया है, जिसकी कुल जनसंख्या पांच हजार 73 हजार 585 है। यह जनसंख्या जनगणना वर्ष 2011 के आधार पर है।
उन्होंने बताया कि उक्त जनगणना के 14 वर्षों पश्चात् उदयपुर नगर निगम क्षेत्र की वास्तविक जनसंख्या सात लाख से भी अधिक बढ़ चुकी है। वर्तमान में उदयपुर शहर के जेड श्रेणी में वर्गीकृत होने से यहां के केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार के कर्मियों को 10 प्रतिशत मकान किराया भत्ता (एचआरए) ही प्राप्त हो रहा है।
सांसद डॉ. रावत ने पत्र में जानकारी दी कि उदयपुर शहर एक विश्वविख्यात पर्यटन नगरी है, जहां प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में देशी-विदेशी नागरिक आते है, जिसके कारण यहां का मकान किराया अन्य शहरों की तुलना में बहुत अधिक है। यहां के विभिन्न सरकारी कार्मिक संघ एवं यूनियन द्वारा लगातार उदयपुर शहर को वाय श्रेणी में पंजीकृत किये जाने की मांग विभिन्न स्तरों पर की जा रही है।
सांसद डॉ. रावत ने कहा उदयपुर नगर निगम क्षेत्र वाय श्रेणी के शहर के रूप में वर्गीकृत किये जाने की पूर्ण योग्यता रखता है।
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