गरियाबंद, 06 सितंबर 2026 (वार्ता) छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले स्थित उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में नदी के रास्ते सागौन की लकड़ी ओडिशा ले जाने की कथित तैयारी का वन विभाग ने खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि तीन अन्य की तलाश जारी है।
वन विभाग के अनुसार, 22 अगस्त को उत्तर उदंती परिक्षेत्र के कुर्रुभाटा बीट में गश्त के दौरान उदंती नदी किनारे सागौन के पेड़ का कटा ठूंठ और अर्जुन के पेड़ की जड़ों से रस्सी के सहारे बंधा सागौन का लट्ठा मिला था। इसके बाद क्षेत्र में निगरानी बढ़ाकर स्मार्ट सर्विलांस सिस्टम सक्रिय किया गया।
निगरानी के दौरान 26 अगस्त को दो संदिग्ध सागौन के लट्ठे के आसपास गतिविधियां करते दिखाई दिए। तकनीकी और मैदानी जांच के आधार पर उनकी पहचान मैनपुर के बरगांव निवासी भोजलाल नागेश और गंगाराम विश्वकर्मा के रूप में हुई। जांच में सामने आया कि लकड़ी को नदी के बहाव के सहारे ओडिशा पहुंचाने की कथित योजना थी।
जांच आगे बढ़ने पर ओडिशा निवासी शोभाचंद्र नायक की भूमिका सामने आई, जिसे गरियाबंद पुलिस के सहयोग से गिरफ्तार किया गया। विभाग के मुताबिक वह पूर्व में भी वन अपराध के एक मामले में वांछित रहा है।
वन विभाग ने भोजलाल नागेश के घर से हाथ आरा और चिरान की गई साल लकड़ी बरामद की है। वहीं नदी में छिपाए गए सागौन के लट्ठे भी जब्त किए गए हैं। गंगाराम विश्वकर्मा से जुड़े मामले में करीब 0.95 घनमीटर सागौन का लट्ठा बरामद किया गया।
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