पंचकूला , अगस्त 04 -- हरियाणा पिछले तीन वित्तीय वर्षों में महिलाओं वाले निदेशकों (वूमेन डायरेक्टर्स) वाली कंपनियों की संख्या के मामले में उत्तर भारत के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सबसे आगे रहा है। लोकसभा में कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार पंजाब, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ में भी महिलाओं वाले निदेशकों वाली कंपनियों की उल्लेखनीय संख्या दर्ज की गई है।

लोकसभा में एक अतारांकित प्रश्न के लिखित उत्तर में कॉरपोरेट कार्य राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने बताया कि कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 149 के तहत सूचीबद्ध कंपनियों तथा निर्धारित श्रेणी की सार्वजनिक कंपनियों के लिए अपने निदेशक मंडल में कम से कम एक महिला निदेशक की नियुक्ति अनिवार्य है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि महिलाओं के लिए अलग से कोई विशेष पहल या जागरूकता कार्यक्रम नहीं चलाया गया है। हालांकि, कारोबार शुरू करने और अनुपालन को सरल बनाने के लिए सभी उद्यमियों के लिए कई सुधार लागू किए गए हैं।

संसद में रखे गए राज्यवार आंकड़ों के अनुसार हरियाणा में वर्ष 2023-24 से 2025-26 के दौरान 16,567 कंपनियों में महिला निदेशक थीं। इन कंपनियों में कुल 19,963 महिला निदेशक दर्ज की गईं। राज्य में ऐसी कंपनियों की संख्या 2023-24 में 4,938, 2024-25 में 4,943 और 2025-26 में 6,686 रही।

पंजाब में तीन वर्षों के दौरान 5,005 कंपनियों में महिला निदेशक थीं, जबकि कुल 6,031 महिला निदेशक दर्ज की गईं। राज्य में ऐसी कंपनियों की संख्या 2023-24 में 1,618, 2024-25 में 1,488 और 2025-26 में 1,899 रही।

जम्मू-कश्मीर में इस अवधि के दौरान 1,935 कंपनियों में महिला निदेशक थीं और कुल 2,351 महिला निदेशक दर्ज की गईं। यहां ऐसी कंपनियों की संख्या 2023-24 में 643, 2024-25 में 561 और 2025-26 में 731 रही।

हिमाचल प्रदेश में तीन वर्षों के दौरान 1,327 कंपनियों में महिला निदेशक थीं, जिनमें कुल 1,776 महिला निदेशक दर्ज की गईं। राज्य में ऐसी कंपनियों की संख्या 2023-24 में 415, 2024-25 में 392 और 2025-26 में 520 रही।

चंडीगढ़ में इस अवधि के दौरान 960 कंपनियों में महिला निदेशक थीं और कुल 1,165 महिला निदेशक दर्ज की गईं। यहां ऐसी कंपनियों की संख्या 2023-24 में 349, 2024-25 में 257 और 2025-26 में 354 रही।

लोकसभा को बताया गया कि देशभर में पिछले तीन वर्षों के दौरान 3,25,096 कंपनियों में महिला निदेशक थीं और इन कंपनियों में कुल 4,06,189 महिला निदेशक दर्ज की गईं।

सरकार ने यह भी बताया कि कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय ने कारोबार शुरू करने और कंपनियों के अनुपालन को आसान बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें छोटे उद्यमों की श्रेणी की सीमा बढ़ाना, पात्र कंपनियों के लिए निगमन (इन्कॉरपोरेशन) पर शून्य फाइलिंग शुल्क तथा एसपीआईसीई प्लस और एजीआईएलई -पीआरओ-एस के माध्यम से एकीकृत ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली उपलब्ध कराना शामिल है। मंत्रालय के अनुसार इन उपायों से कंपनियों के गठन की प्रक्रिया सरल हुई है, अनुपालन का बोझ और लेनदेन लागत घटी है तथा देशभर में, विशेषकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों सहित, कारोबार स्थापित करने और संचालित करने में सुविधा हुई है।

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