पटना , मई 11 -- त्तर बिहार के बाढ़-प्रभावित विस्तृत भूभाग में जहाँ कोसी, गंडक, कमला और बागमती जैसी नदियों के उफान से हर वर्ष जनजीवन प्रभावित होता रहा है, वहाँ अब आधारभूत संरचना के माध्यम से बड़ा बदलाव सुनिश्चित किया जा रहा है। ग्रामीण कार्य विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना के तहत इन क्षेत्रों में ग्रामीण पुलों का निर्माण किया जा रहा है, जिसके तहत उन गाँवों और बसावटों को जोड़ा जा रहा है, जो बरसात के दिनों में पूर्णतः अलग-थलग पड़ जाते थे।
वर्षों से बाढ़ के दौरान प्रखंड मुख्यालयों और जिला केंद्रों से कट जाने वाले इन गाँवों में आवागमन का एकमात्र साधन नावें थीं, जो न केवल असुरक्षित थीं बल्कि आपातकालीन स्थितियों में जीवन के लिए जोखिम भी उत्पन्न करती थीं। वहीं मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना के तहत निर्मित हो रहे पुल इस स्थिति को बदलते हुए अब हर मौसम में निर्बाध और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करेंगे।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना के तहत उत्तर बिहार के बाढ़ प्रभावित जिलों में पुल निर्माण को प्राथमिकता दी जा रही है। इस योजना के अंतर्गत पूर्वी चंपारण जिले में सर्वाधिक 76 पुलों के निर्माण को स्वीकृति प्रदान कर कार्य को धरातल पर उतारा जा रहा है, जिससे जिले के सुदूर दियारा और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ा जा सकेगा। इसी प्रकार बाढ़ की सर्वाधिक मार झेलने वाले दरभंगा जिले में यातायात को सुगम और बाधारहित बनाने के लिए 53 पुलों का निर्माण किया जा रहा है। वहीं भौगोलिक दृष्टिकोण से अत्यंत संवेदनशील सीतामढ़ी जिले में 43 पुलों और मधुबनी जिले में 42 पुलों का निर्माण तीव्र गति से किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, समस्तीपुर जिले में भी ग्रामीण यातायात को बारहमासी बनाने के उद्देश्य से 30 नए पुलों का जाल बिछाया जा रहा है।
संपर्कता के इस विस्तार का सकारात्मक प्रभाव उत्तर बिहार के शिक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी व्यापक रूप से परिलक्षित होगा। बाढ़ के कारण विद्यालयों से वंचित रहने वाले बच्चे अब पूरे वर्ष सुरक्षित रूप से स्कूल पहुँच सकेंगे, जिससे शिक्षा में निरंतरता सुनिश्चित होगी। वहीं किसानों, दुग्ध उत्पादकों और मखाना तथा लीची जैसे विशिष्ट कृषि उत्पादों से जुड़े कृषकों को अपनी उपज को समय पर बाजारों तक पहुँचाने में बड़ी सुविधा मिलेगी, जिससे उनकी आय में स्थिरता होगी और रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे।
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