पटना , अप्रैल 24 -- बिहार में "डबल इंजन" सरकार की पहल के तहत उत्तर बिहार में मखाना की खेती तेजी से किसानों की पहली पसंद बनती जा रही है। कभी बाढ़ और जलजमाव से जूझने वाला यह क्षेत्र अब "उजला सोना" यानी मखाना उत्पादन का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है।

बिहार सरकार की मुहिम पायलट प्रोजेक्ट के तहत मखाना की खेती का जायजा लिया गया, जिसमें किसानों द्वारा तालाब में उगाये गये मखाना तेजी से विकास करते पाये गये है।

इस विषय पर अधिक जानकारी देते हुए मखाना विशेषज्ञ अनिल कुमार ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष 2026-27 में पूरे बिहार भर में 50125 हेक्टेयर मखाना की खेती कर नयी उपलब्धि हासिल की जायेगी। वहीं राज्य के सीतामढ़ी जिले में ही अकेले 50 हेक्टेयर में मखाना की खेती की जा रही है। जिससे जून जुलाई के महीने में तैयार कर लिया जायेगा। वहीं फसल की स्थिति को देखते हुए यह व्यतीत होता है कि इस बार मखाना की खेती से किसानों को और समृद्धि हासिल होगी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित