लखनऊ , मार्च 28 -- निर्वाचन आयोग द्वारा उत्तर प्रदेश में कराए गए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी हो गई है। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 10 अप्रैल को किया जाएगा।

राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा ने शनिवार को बताया कि दस्तावेजों के सत्यापन और सुनवाई की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अंतिम सूची को अंतिम रूप दिया जा रहा है। अंतिम मतदाता सूची में 13.25 करोड़ (132.5 मिलियन) से अधिक मतदाताओं के नाम शामिल होने की संभावना है, जो पहले की तुलना में करीब 20 लाख नहीं बल्कि लगभग 2 करोड़ (20 मिलियन) कम होंगे। एसआईआर शुरू होने से पहले प्रदेश में करीब 15.2 करोड़ मतदाता पंजीकृत थे।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि एसआईआर के दौरान जिन 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए थे, उनकी सुनवाई शुक्रवार को पूरी कर ली गई। निर्वाचन कार्यालय के अनुसार जारी किए गए 100 प्रतिशत नोटिसों पर सुनवाई पूरी हो चुकी है।

अक्टूबर 2025 में फ्रीज की गई मतदाता सूची में 12.55 करोड़ नाम शामिल थे। इनमें से 1.04 करोड़ मतदाताओं के नाम 2003 की मतदाता सूची से मेल नहीं खा रहे थे यानी उनके रिकॉर्ड, या उनके माता-पिता/दादा-दादी के विवरण से असंगत पाए गए। इन मामलों में संबंधित व्यक्तियों से दस्तावेज मांगे गए थे। निर्वाचन कार्यालय ने बताया कि घर के पास सुनवाई कराने और परिवार के अन्य सदस्यों को दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने की अनुमति देने की रणनीति प्रभावी रही।

इस बीच, ब्लॉक स्तर अधिकारियों (बीएलओ) ने 2.22 करोड़ मतदाताओं के घर-घर जाकर सुनवाई की, जिनके विवरण में तार्किक त्रुटियां पाई गई थीं जैसे नाम या पिता के नाम में गलती, या मतदाता और अभिभावकों की आयु में 15 वर्ष से कम का अंतर। उम्मीद है कि इस श्रेणी के 97 प्रतिशत से अधिक नाम सूची में बरकरार रहेंगे। आंकड़ों के अनुसार, 86.6 लाख लोगों ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 भरा है, जबकि 3.18 लाख फॉर्म-7 नाम हटाने के लिए जमा किए गए हैं। इन सभी तथ्यों को देखते हुए अंतिम मतदाता सूची में कुल नामों की संख्या 13.25 करोड़ से अधिक रहने की संभावना है।

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