लखनऊ , जुलाई 30 -- उत्तर प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से तीन से 10 अगस्त तक प्रदेशव्यापी 'दिव्यांगजन रोजगार अभियान 3.0' संचालित करेगी। अभियान के तहत सभी राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में विशेष रोजगार शिविर आयोजित किए जाएंगे तथा कौशल विकास, उद्योग, एमएसएमई और बैंकिंग संस्थानों के समन्वय से दिव्यांगजनों को रोजगार एवं वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने गुरुवार को बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में दिव्यांगजनों को सम्मानजनक आजीविका से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के माध्यम से संचालित इस अभियान का उद्देश्य कौशल प्रशिक्षण प्राप्त तथा अन्य पात्र दिव्यांग युवाओं को उनकी योग्यता एवं दक्षता के अनुरूप रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान प्रदेश के सभी राजकीय आईटीआई में विशेष रोजगार गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। दिव्यांग अभ्यर्थियों को रोजगार के अवसरों के साथ-साथ विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं की भी जानकारी दी जाएगी। जिला उद्योग एवं निर्यात प्रोत्साहन केंद्र औद्योगिक इकाइयों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से रिक्त पदों का विवरण जुटाएगा, जबकि एमएसएमई विभाग स्वरोजगार योजनाओं तथा लीड बैंक के माध्यम से ऋण एवं वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने में सहयोग करेगा।
श्री अग्रवाल ने बताया कि जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी तथा जिला रोजगार सहायता अधिकारी रोजगार संगम पोर्टल पर पंजीकृत अभ्यर्थियों को उपलब्ध रिक्तियों से जोड़ेंगे। अभियान के दौरान पूर्व के दो चरणों में लाभान्वित दिव्यांगजनों का भौतिक सत्यापन भी कराया जाएगा, जिससे उनकी वर्तमान स्थिति का आकलन किया जा सके।
उन्होंने कहा कि अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ प्रत्येक जनपद में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समिति गठित की गई है, जो इसकी निगरानी एवं समन्वय करेगी। 10 अगस्त तक सभी जिलों से लाभार्थियों का विवरण शासन को भेजा जाएगा।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित