लखनऊ , मई 15 -- उत्तर प्रदेश में गो संरक्षण को ग्रामीण अर्थव्यवस्था, महिला सशक्तीकरण और जैविक खेती से जोड़ते हुए योगी सरकार ने बड़ा अभियान शुरू करने की तैयारी की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश के सभी 75 जिलों की साढ़े सात हजार से अधिक गोशालाओं में कृषि सखियों की तैनाती की जाएगी। सरकारी सूत्रों के अनुसार इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं को गो संरक्षण अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका दी जाएगी। सरकार की मंशा है कि ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं गोशालाओं को आत्मनिर्भरता और समृद्धि के केंद्र के रूप में विकसित करने में भागीदारी निभाएं। इसके लिए प्रदेश स्तर पर महिलाओं को विशेष प्रशिक्षण देकर मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे, जो आगे गांव-गांव में अन्य महिलाओं को प्रशिक्षित करेंगी।
उत्तर प्रदेश गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता ने बताया कि योगी सरकार गोशालाओं को रोजगार और जैविक कृषि के मॉडल के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है। गोशालाओं से निकलने वाले गोबर का उपयोग बड़े पैमाने पर जैविक खाद तैयार करने में किया जाएगा। इसके लिए महिलाओं के माध्यम से खाद निर्माण इकाइयों का संचालन कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस पहल से एक ओर गो संरक्षण को मजबूती मिलेगी, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। खासकर महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में यह अभियान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। योजना के तहत बड़े स्तर पर जैविक खाद के उत्पादन से किसानों की रासायनिक खाद पर निर्भरता कम होगी। इससे खेती की लागत घटेगी और मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार आएगा। साथ ही किसानों की आय बढ़ाने और लोगों को स्वास्थ्य के लिहाज से सुरक्षित एवं बेहतर खाद्यान्न उपलब्ध कराने में भी मदद मिलेगी।
सरकार इस पूरी पहल को गांव, किसान, महिला और गो संरक्षण को जोड़ने वाले "गो समृद्धि अभियान" के रूप में विकसित कर रही है। अधिकारियों के अनुसार उत्तर प्रदेश आजीविका मिशन से जुड़ी कृषि सखियां इस अभियान की सबसे बड़ी ताकत बनेंगी और गो संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ते हुए इसे स्थायी आर्थिक गतिविधि का स्वरूप दिया जाएगा।
गो सेवा आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि गोशालाओं से जुड़ा यह नया मॉडल आने वाले समय में ग्रामीण अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदल सकता है और उत्तर प्रदेश को जैविक खेती तथा गो आधारित अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में नई पहचान दिला सकता है।
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