लखनऊ , अगस्त 31 -- उत्तर प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की गुणवत्ता जांच व्यवस्था को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप और मजबूत किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) विश्वस्तरीय परीक्षण सुविधाओं से लैस नई स्टेट लैबोरेटरी भवन का निर्माण करा रहा है। इस प्रयोगशाला में पेयजल में मौजूद माइक्रोप्लास्टिक और पीएफएएस जैसे उभरते प्रदूषकों की जांच की क्षमता विकसित करने की योजना है।

नई स्टेट लैब में अत्याधुनिक विश्लेषणात्मक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। माइक्रोप्लास्टिक और पीएफएएस की जांच के लिए आवश्यक मशीनरी की खरीद का प्रस्ताव वार्षिक कार्ययोजना में शामिल किया गया है। इससे भविष्य में प्रदेश में पेयजल प्रदूषण के नए स्रोतों की वैज्ञानिक निगरानी और विस्तृत परीक्षण की सुविधा मिल सकेगी।

सूत्रों के अनुसार, हाल ही में उत्तर प्रदेश के दौरे पर आए भारत सरकार के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के सचिव ने उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) की मौजूदा स्टेट लैबोरेटरी का निरीक्षण किया था।

इस दौरान प्रदेश में उपलब्ध जल गुणवत्ता परीक्षण सुविधाओं, अत्याधुनिक उपकरणों और भविष्य में विकसित की जाने वाली परीक्षण क्षमताओं पर चर्चा हुई। सचिव ने माइक्रोप्लास्टिक और पीएफएएस जैसे उभरते प्रदूषकों की जांच की सुविधा राज्य स्तर पर विकसित करने पर जोर दिया था।

ग्रामीण पेयजल की गुणवत्ता की निगरानी और परीक्षण के लिए प्रदेश में व्यापक प्रयोगशाला नेटवर्क काम कर रहा है। इसमें एक राज्य स्तरीय, तीन क्षेत्रीय, 72 जिला स्तरीय और 62 जल शोधन संयंत्र प्रयोगशालाएं शामिल हैं।

राज्य स्तरीय प्रयोगशाला में उन्नत परीक्षण सुविधाएं उपलब्ध हैं और इसके 50 मानक राष्ट्रीय परीक्षण एवं अंशशोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएल) से प्रमाणित हैं।

अधिकारियों के अनुसार, नई स्टेट लैब को आधुनिक और विश्वस्तरीय परीक्षण सुविधाओं से लैस करने का उद्देश्य प्रदेश में एक मजबूत राज्य स्तरीय संदर्भ प्रयोगशाला तैयार करना है। माइक्रोप्लास्टिक और पीएफएएस की जांच सुविधा विकसित होने से इनके संबंध में आधारभूत आंकड़े तैयार करने, संभावित प्रदूषण स्रोतों की पहचान और वैज्ञानिक निगरानी में मदद मिलेगी।

उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) के प्रबंध निदेशक योगेश कुमार ने कहा कि नई स्टेट लैबोरेटरी भवन का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है। इसे विश्वस्तरीय परीक्षण सुविधाओं से सुसज्जित करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

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